New Education Policy PDF (NEP) नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 – नई शिक्षा नीति | National education policy

New Education Policy PDF (NEP नई शिक्षा नीति): जैसे की हम जानते ही हैं कि “शिक्षा ” व्यक्ति के संपूर्ण विकास के लिए बहुत आवश्यक है। इसलिए ये ज़रूरी है की शिक्षा की गुणवत्ता बनाये रखने के लिए वक्त के साथ शिक्षा नीति में भी बदलाव किया जाता रहे। नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 – नई शिक्षा नीति भी समय की मांग और जरुरत के हिसाब से देश की शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाये रखने के लिए लाई गयी है। शिक्षा नीति में बदलाव 34 वर्ष बाद हुआ है। इस से पहले सं०1968 और सं०1986 के बाद ये तीसरी बार राष्ट्रीय शिक्षा नीति में बदलाव हुआ है । नई शिक्षा नीति का मसौदा इसरो प्रमुख रह चुके “डॉ० के० कस्तूरीरंगन” की अध्यक्षता में तैयार किया गया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूरी मिलने पर इसे लागू कर दिया गया है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य भारत में स्कूल और उच्च शिक्षा प्रणालियों में परिवर्तनकारी सुधारों का मार्ग प्रशस्त करना है। इस नीति के तहत स्कूल से लेकर कॉलेज शिक्षा नीति तक में बदलाव किया गया है। साथ ही “मानव संसाधन विकास मंत्रालय ” को अब ” शिक्षा मंत्रालय ” के नाम से जाना जाएगा। इस पॉलिसी के तहत बहुत से महत्वपूर्ण बदलाव किये गए हैं जिन्हे आगे इस आर्टिकल के ज़रिये जान सकते हैं।

New Education Policy PDF (NEP) नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020  – नई शिक्षा नीति | National education policy
New Education Policy PDF (NEP) नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 – नई शिक्षा नीति | National education policy

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020

नयी शिक्षा नीति के तहत किये गए बदलाव आने वाले लगभग दो दशकों को ध्यान में रखकर किये गए हैं। शिक्षा नीति 2020 में किये गए सारे बदलाव एक बार में नहीं बल्कि एक के बाद करके अलग अलग चरणों में लागू किये जाएंगे। इस नीति का मकसद शिक्षा के प्रारूप में बदलाव करके भारत को विकास की राह पर चला वैश्विक ज्ञान महाशक्ति के रूप में स्थापित करना है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत सकल नामांकन अनुपात को वर्ष 2030 तक सौ प्रतिशत (100%) लाने का टारगेट रखा गया है। शिक्षा क्षेत्र पर जी डी पी के 6 % हिस्से का सार्वजनिक व्यय भी इस शिक्षा नीति के तहत किया गया है। ये केंद्र और राज्य सरकार की सहायता से किया जाएगा।

नई शिक्षा नीति के अनुसार अब 5 +3 +3 +4 वाला पैटर्न फॉलो किया जाएगा। अब से शिक्षा में रटने की बजाए कॉन्सेप्ट समझने पर ज़ोर दिया जाएगा। सिर्फ ज्ञान ही नहीं उनके शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाने की कोशिश रहेगी। कुलमिलाकर सारा ध्यान छात्रों के सर्वांगीण विकास पर होगा।

Highlights of National education policy 2020

लेख राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020
नीति का शुभारम्भ शिक्षा मंत्रालय , भारत सरकार।
वर्ष 2020 (प्रस्तुत), 2022 ( सक्रिय )
नीति का लाभ पाने वाले भारत के सभी छात्र एवं छात्राएं
नीति का उद्देश्य शिक्षा नीति को उत्कृष्ट बनाना और भारत को विश्व
में वैश्विक ज्ञान महाशक्ति बनाना।
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आधिकारिक वेबसाइट https://www.education.gov.in/hi
राष्ट्रीय-शिक्षा-नीति-2020

नयी राष्ट्रीय शिक्षा पॉलिसी 2020 से होने वाले लाभ :-

नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति से होने वाले सभी लाभों की चर्चा नीचे विस्तार से इस लेख में कर रहे हैं।

  • इसका सबसे पहला लाभ तो यही है की आज की शिक्षा व्यवस्था की पुरानी सभी खामियों को हटाने का प्रयास किया है। नई नीति के तहत इसे उत्कृष्ट और सार्वभौमिक बनाने पर ध्यान दिया गया है।
  • इस नयी एजुकेशन पालिसी के तहत छात्रों के ज्ञान के साथ साथ उनके स्वास्थ्य और कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। विद्यार्थियों के स्वास्थ्य कार्ड भी बनाये जाएंगे। नियमित रूप से छात्रों की स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था भी सम्मिलित है.
  • नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को लागू करने के लिए केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जी डी पी का 6 प्रतिशत हिस्सा व्यय किया जाएगा।
  • नयी शिक्षा नीति के तहत अब छात्रों को अपने विषय का चुनाव स्वयं करने का अधिकार होगा। छात्रों को पहले की तरह आर्ट्स , साइंस और कॉमर्स में से किसी एक को नहीं चुनना पड़ेगा। वो चाहे तो इन तीनो ही स्ट्रीम्स से विषय चुन सकते हैं।
  • इस नीति में बोर्ड परीक्षा का प्रारूप भी बदला गया है। अब से बोर्ड की परीक्षाएं साल में एक की बजाए दो बार कराई जाने की बात कही गयी है। इस से छात्रों पर पढाई का बोझ ख़त्म होगा। सालभर की बजाए आखिरी के दो या तीन माह पढ़कर परीक्षा देने की प्रवृत्ति भी ख़त्म होगी।
  • नयी शिक्षा नीति में अब छात्र अपनी भाषा में पढ़ पाएंगे और एग्जाम भी उसी भाषा में दे पाएंगे। भारत की अन्य प्राचीन भाषा जैसे संस्कृत को पढ़ने का भी ऑप्शन दिया गया है। अंग्रेजी की अनिवार्यता ख़त्म कर दी गयी है।
  • अब से शैक्षिक सत्र में छात्रों को तकनीकी ज्ञान देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्हें कक्षा 6 से ही कोडिंग आदि सिखायी जाएगी और इंटर्नशिप भी करायी जाएगी।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में विद्यार्थियों का बोझ कम करने और पढाई में उनकी रूचि बढ़ाने के लिए “अर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सॉफ्टवेयर “के माध्यम से शिक्षण प्रदान किया जाएगा, जिस से रटने की जगह उनकी समझ बढ़ाने पर ध्यान दिया जा सकेगा।
  • स्वस्थ शरीर के साथ ही स्वस्थ मस्तिष्क होना भी जरुरी है इसलिए पाठ्यक्रम में पढाई के साथ ही खेल-कूद , कला इत्यादि ” एक्स्ट्रा करिकुलर एक्टिविटीज” को भी अनिवार्य किया है।
  • नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत अब विद्यार्थी ऑफलाइन कक्षाओं के साथ साथ ऑनलाइन भी पढ़ सकेंगे। इस सम्बन्ध में उन्हें पढ़ने की सामग्री अब ऑनलाइन भी उपलब्ध कराई जाएगी।
राष्ट्रीय-शिक्षा-नीति-2020

नयी शिक्षा नीति 2020 में किये गए बदलाव / नयी शिक्षा नीति में क्या है ? / नयी शिक्षा नीति के तहत किये गए बदलाव।

नयी शिक्षा नीति 2020 में पुरानी शिक्षा नीति की खामियों को हटाकर नए पाठ्यक्रम को लाया गया है। इस में इस बात का खास ख्याल रखा गया है कि पाठ्यक्रम सरल और सहज हो। जो विद्यार्थियों की समझ में आ सके व बेवजह का बोझ न बने। ऐसी शिक्षा प्रणाली हो जिस से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास हो। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत पाठ्यक्रम को छात्रों के लिए रुचिपूर्ण बनाया गया है तथा तकनीकी ज्ञान और उसके प्रैक्टिकल / ट्रेनिंग को भी सम्मिलित किया गया है। नयी नीति में शिक्षा की गुणवत्ता का उच्चतर स्तर बनाये रखने का प्रयास किया गया है। ज्ञान सिर्फ रटने व परीक्षा पास करने के लिए नहीं बल्कि उनकी तार्किक , रचनात्मक ,नैतिक सोच आदि का विकास करने के लिए है।

नई-एजुकेशन-पालिसी

इस पाठ्यक्रम को एक बार में कार्यान्वित नहीं किया जाएगा। नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत इसे अलग -अलग चरणो में लागू किया जाएगा। इसके कुल चार चरण होंगे। नयी नीति के तहत अब शिक्षण व्यवस्था 5 +3 +3 +4 की प्रक्रिया में होगी। ये पुरानी प्रक्रिया 10 +2 के आधार से अलग है। नयी शिक्षा नीति के तहत ‘राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद’ (National Council of Educational Research and Training- NCERT) द्वारा पाठ्यक्रम की रूपरेखा तैयार की जाएगी। लेख में आगे हम इसी पर विस्तार से लिख रहे हैं।

फाउंडेशन स्टेज / मूलभूत चरण (पूर्व प्राथमिक और ग्रेड 1 व 2 ) (5 वर्ष )

ये राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत आने वाला वाला पहला चरण है। पहले की शिक्षा नीति में 6 वर्ष तथा उस से बड़े बच्चों को ही एजुकेशन सिस्टम का भाग माना जाता था। पर अब प्री- प्राइमरी एजुकेशन को भी अब फॉर्मल एजुकेशन माना जाएगा। यानी की अब से 3 से 6 वर्ष के बच्चे भी शिक्षा व्यवस्था का भाग होंगे। इस उम्र तक बच्चों के मस्तिष्क का सही विकास और शारीरिक वृद्धि हो सके इस बात को ध्यान में रखकर नयी नीति में उनके लिए पाठ्यक्रम में खेल कूद व अन्य गतिविधियाँ रखी हैं।

नयी शिक्षा नीति के तहत अब प्रारंभिक बालयकाल अवस्था से ही बच्चों को आगे आने वाली शिक्षा दीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए सम्बंधित संगठनात्मक (बुनियादी ) ढाँचे को और मजबूत बनाया जाएगा। जैसे की आंगनबाड़ी की कार्यकत्रियों/शिक्षकों को ट्रेनिंग देना तथा बाल सुलभ , हवादार भवन का निर्माण इत्यादि। 5 साल से कम आयु के बच्चों के लिए “बालवाटिका ” का प्रावधान भी किया गया है। यहाँ खेल कूद के साथ-साथ संख्या ज्ञान आदि दे दिया जाएगा। साथ ही कक्षा दो तक कोई भी परीक्षा नहीं ली जाएगी। इस तरह बच्चों को बिना दबाव के शिक्षित किया जाएगा एवं साथ ही उनकी शिक्षा के प्रति रूचि बढाई जाएगी।

प्रेपरेटरी स्टेज (3 वर्ष )

अगले चरण को प्रिपरेटरी स्टेज नाम दिया गया है , जहाँ बच्चों को आगे के पाठ्यक्रम के लिए तैयार किया जाएगा। इस स्टेज में कक्षा 3 से 5 तक को शामिल किया गया है जिनकी उम्र 8 से 11 वर्ष के बीच हो सकती है । इन कक्षाओं के छात्र अपनी मातृभाषा तथा स्थानीय भाषा में भी पढाई कर सकते हैं। यही नहीं वो चाहें तो परीक्षा भी स्थानीय या मातृभाषा में दे सकते हैं। नयी शिक्षा नीति के तहत ये कदम यही सोच के उठाया गया है की अपनी भाषा में ज्ञान अर्जित करना ज्यादा रोचक व सरल होता है। इसके चलते विद्यार्थियों को दिया ज्ञान ज्यादा प्रभावी और कारगर होता है। अंग्रेजी भाषा की अनिवार्यता को ख़त्म कर दिया गया है और इसे एक विषय के रूप में अब भी पढ़ाया जाएगा। हालाँकि जो अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने के इच्छुक हों उनके लिए भी ऑप्शन है। इस स्टेज में छात्रों को संख्यात्मक कौशल व भाषा का मूलभूत ज्ञान दिया जाएगा। कक्षा 3 से अब परीक्षा की शुरुआत हो जाएगी।

मिडिल स्टेज (3 वर्ष )

इस स्टेज में कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थी आएँगे जिनकी उम्र 11 से 14 वर्ष के बीच हो सकती है। इस कक्षा से अब कंप्यूटर ज्ञान और कोडिंग की जानकारी दी जाने लगेगी। सभी को आवश्यक रूप से रूचि के अनुसार व्यावसायिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा और उसके बाद इंटर्नशिप भी करवाई जाएगी। इसके लिए उन्हें मार्क्स भी मिलेंगे। इस तरह से प्रशिक्षण के साथ साथ उनमें व्यावहारिक समझ भी विकसित की जाएगी। इस चरण में बच्चों को बाकी सब्जेक्ट्स के साथ कोई भी एक भारतीय भाषा ( जैसे क्षेत्रीय भाषा ) का भी आवश्यक रूप से ज्ञान दिया जाएगा।

नेशनल-एजुकेशन-पॉलिसी-2020
नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020

सेकेंडरी स्टेज (4 वर्ष )

इस स्टेज में कक्षा 9 से लेकर 12 तक के छात्र आएँगे जिनकी उम्र सीमा 14 से 18 वर्ष हो सकती है। नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार अब कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को सेमेस्टर वाइज देना पड़ेगा। जबकि पहले परीक्षा सालभर में एक बार होती थी। जिस से बच्चे परीक्षा से पहले के तीन महीने पढ़कर परीक्षा में उत्तीर्ण होते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा क्यूंकि सालभर में दो परीक्षाएं होने से छात्रों को अध्ययनरत रहना होगा।

अब छात्रों को आर्ट्स साइंस और कॉमर्स में से किसी एक स्ट्रीम को ही पढ़ने की बाध्यता ख़त्म कर दी गयी है। छात्र चाहें तो साइंस , कॉमर्स के विषय के साथ आर्ट्स के विषय भी ले सकते हैं। हालंकि इसके लिए विषयों के पूल बनाये जाने की भी व्यवस्था की जाएगी ।

मूल्यांकन : विद्यार्थियों का मूल्यांकन अब पहले की तरह नहीं किया जाएगा। नयी शिक्षा नीति 2020 के तहत अब उनका रिपोर्ट कार्ड नयी प्रक्रिया से तैयार होगा। किसी भी छात्र को फाइनल रिपोर्ट कार्ड पर अंक देते हुए उसके ओवरआल परफॉरमेंस को देखा जाएगा। उसका व्यवहार , उसकी एक्स्ट्रा करीकुलर एक्टिविटीज में भागीदारी व प्रदर्शन , तथा उसकी मानसिक क्षमताओं का भी ध्यान रखा जाएगा। अब से रिपोर्ट कार्ड 360 डिग्री असेसमेंट के आधार पर बनेगा , जिसमे विषय पढ़ाने वाले अध्यापक के साथ साथ छात्र अपना व अपने सहपाठियों का विश्लेषण कर खुद को और सहपाठियों को भी अंक देंगे।

क्रम स० चरण वर्ष संख्या कक्षा विद्यार्थी की उम्र
1 पहला – फाउंडेशन स्टेज 5 वर्ष प्री – प्राईमरी (3 वर्ष )+कक्षा 1 व 2 6 से 8 वर्ष तक
2 दूसरा -प्रीपेरटरी स्टेज 3 वर्ष कक्षा 3 से लेकर कक्षा 5 तक 8 से 11 वर्ष
3 तीसरा -मिडिल स्टेज 3 वर्ष कक्षा 6 से लेकर कक्षा 8 तक 11 से 14 वर्ष
4 चौथा – सेकेंडरी स्टेज 4 वर्ष कक्षा 9 से लेकर 12 कक्षा तक 14 से 18 वर्ष
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शिक्षण प्रणाली से जुड़े सुधार

एडमिशन: नई नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 के तहत अब शिक्षा क्षेत्र में कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों के लिए भी नए प्रावधान बनाये गए हैं। अब से कॉलेज में एडमिशन के लिए अगर छात्रों को 12 वी के मार्क्स के आधार पर (कटऑफ के बेस पर) मनपसंद कॉलेज में सीधे एडमिशन नहीं मिलता है तो वो छात्र CAT (कॉमन एप्टीटुड टेस्ट ) एग्जाम दे सकते हैं। फिर 12 वी तथा कैट एग्जाम के अंक मिलाकर वे अपनी पसंद की यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने का अवसर पा सकते हैं।

मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट“: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत ग्रेजुएशन की पढाई को अब 4 और 3 साल के टाइम पीरियड में बांटा गया है। जिसमे अब “मल्टीपल एंट्री और मल्टीपल एग्जिट” की सुविधा दी गयी है। इसके तहत अगर कोई विद्यार्थी ग्रेजुएशन की डिग्री की पढ़ाई बीच में अधूरी छोड़कर जाता है या किसी कारणवश अपनी पढाई पूरी नहीं पाता तो उसे एक साल में सर्टिफिकेट कोर्स ,दो साल में डिप्लोमा , और 3 साल में बैचलर्स की डिग्री मिलेगी। वहीँ अगर कोई 4 साल की पढाई पूरी करता है तो उसे बैचलर्स के साथ रिसर्च का सर्टिफिकेट भी दिया जाएगा। बीच में छोड़ने के बाद अगर कोई व्यक्ति अपनी पढाई पूरी करने का इच्छुक हो तो वो भी अपनी पढाई फिर से शुरू कर सकता है इसके लिए उसे फिर से ग्रेजुएशन के फर्स्ट ईयर से शुरू करने की जरूरत नहीं होगी। जिस वर्ष की पढाई अधूरी रह गयी थी वहीँ से शुरू कर सकते हैं। यहाँ भी छात्र अपनी पसंद से विषयों का चुनाव कर सकते हैं।

अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट (ABC ) : राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत अब छात्रों को अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट की सुविधा प्राप्त हो सकेगी। अब से सभी छात्रों के अंक , रिपोर्ट, डाक्यूमेंट्स आदि ऑनलाइन या डिजिटल तरीके से सेव किये जाएंगे। पढाई के दौरान सेमेस्टर में क्रेडिट्स मिलेंगे जिसके अंतर्गत कोई भी छात्र जो किसी कारणवश अपने सेमेस्टर पूरे नहीं कर पाता है तो वो अपनी पढाई पूरी करने के लिए इस अकादमिक बैंक में अपने क्रेडिट्स का प्रयोग करके पढाई बाद (एक निश्चित अवधि ) में पूरी कर सकता है। इस बैंक में जमा क्रेडिट का उपयोग वो दूसरे संस्थान में जाने के लिए भी प्रयोग कर सकता है।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से सम्बंधित कुछ महत्वपूर्ण तथ्य

  • वोकेशनल ट्रेनिंग को दिया जाएगा महत्व : नयी शिक्षा नीति के अंतर्गत 2025 तक वोकेशनल पढाई करने वालों का प्रतिशत 50% तक लाने का लक्ष्य रखा है जो अभी तक 5 प्रतिशत से भी कम है। कक्षा 6 से 8 तक के विद्यार्थियों को वोकेशनल ट्रेनिंग दी जाएगी जिसमे उन्हें बाग़बानी , मिटटी के बर्तन बनाना, बिजली का काम आदि सिखाया जाएगा।
  • एम फिल को किया समाप्त और अब 4 साल का होगा बी० एड :-नयी एजुकेशन पालिसी 2020 में एम फिल कार्यक्रम को ख़त्म कर दिया गया है। साथ ही अब बी एड प्रोग्राम को 2 वर्ष से बढाकर 4 वर्ष कर दिया गया है।
  • भारतीय भाषाओं को बढ़ावा देना : नयी शिक्षा नीति के तहत कक्षा 5 तक अंग्रेजी की अनिवार्यता हटा मातृभाषा तथा क्षेत्रीय भाषा में पढ़ने की सुविधा दी है।
  • विदेशी भाषा भी सम्मिलित : विद्यार्थियों को अब माध्यमिक स्तर से विदेशी भाषाएं भी सिखाई जाएंगी। इस तरह से छात्रों को कहीं भी किसी भी क्षेत्रों में पिछड़ने से बचाया जा सकता है।
  • नयी शिक्षा नीति के तहत भाषाओं को जान ने वाले शिक्षकों की भर्ती : भारत के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली भाषाओं का ज्ञान रखने वाले शिक्षकों की भर्ती की जाएगी ताकि अपनी भाषा में छात्र बिना किसी समस्या के पढ़ सकें।
  • किसी एक स्ट्रीम के चुनाव की बाध्यता ख़त्म : अब से स्कूल व कॉलेज में किसी भी एक स्ट्रीम को चुन ने की बाध्यता ख़त्म कर दी गयी है। छात्र अपने विषय अपनी पसंद से चुन सकेंगे। इसके लिए पाठ्यक्रम में विषयों का पूल बनाया जाएगा जिसमे छात्रों को अपने सब्जेक्ट्स का चुनाव करने में सुविधा होगी।
  • शिक्षा के साथ कौशल विकास पर भी ध्यान : नए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अब छात्रों को शिक्षा के साथ अब कौशल विकास पर भी ध्यान दिया जाएगा। उन्हें शुरूआती कक्षाओं से ही संगीत, नृत्य ,योग , मूर्तिकला आदि अन्य कलाओं में भी पारंगत किया जाएगा।
  • मल्टीपल एग्जिट , मल्टीपल एंट्री की सुविधा : नई नीति के तहत अब पढाई में किसी कारणवश छात्र को ब्रेक लेना पड़ता है तो वो बाद में भी अपनी पढाई को पूरी कर सकता है। इसके लिए छात्र को फिर शुरुआत से नहीं पढ़ना होगा। साथ ही छात्र को उसके पढ़े हुए अवधि के अनुसार सर्टिफिकेट , डिप्लोमा , डिग्री आदि प्रदान किये जाएंगे।
  • अकादमिक बैंक ऑफ़ क्रेडिट : अब विद्यार्थियों से सम्बंधित जानकारियां , डाक्यूमेंट्स व अंक आदि को डिजिटल रूप में संग्रहित किया जाएगा। जिसे बाद में उनके डिग्री प्रदान करते वक्त इस्तेमाल किया सकेगा।
  • भारतीय उच्च शिक्षा आयोग पूरे उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिये एक एकल नियामक के रूप में कार्य करेगा। इसके तहत चिकित्सा एवं कानूनी शिक्षा को नहीं रखा गया है। इसके चार निकाय होंगे -राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा नियामकीय परिषद , सामान्य शिक्षा परिषद, राष्ट्रीय प्रत्यायन परिषद तथा उच्चतर शिक्षा अनुदान परिषद।
  • विकलांग बच्चों के विकास के लिए भी नयी शिक्षा नीति में बदलाव किये गए हैं।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी से सम्बंधित प्रश्न उत्तर

नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में क्या है ?

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में पुरानी शिक्षा प्रणाली को बदलकर नया पाठ्यक्रम लाया गया है। इसके तहत पिछले 10 +2 के पाठ्यक्रम को बदलकर 5+3+3+ 4 वाला पाठ्यक्रम किया गया है। नयी नीति के अंतर्गत अब 3 से 18 साल के छात्रों को शिक्षा के अधिकार कानून 2009 के तहत रखा गया है। नए पाठ्यक्रम में बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही उनके समग्र विकास पर ध्यान दिया गया है।

नयी एजुकेशन पालिसी कब से लागू होगी ?

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी संभवतयः 2021 में लागू होगी। हालाँकि इस से सम्बंधित किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ये प्रक्रिया 2021 से अलग अलग चरणों में पूरी की जाएगी।

नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 में 5 + 3 + 3 + 4 फॉर्मेट क्या हैं ?

नेशनल एजुकेशन पालिसी 2020 के चार चरण हैं।
फाउंडेशन स्टेज जो 5 वर्षों का होगा (पूर्व प्राथमिक और ग्रेड 1 व 2 )
प्रिपरेटरी स्टेज जो 3 वर्षों का होगा। ( ग्रेड 3 से 5 )
मिडिल स्टेज भी 3 वर्षों का होगा (ग्रेड 6 से 8 तक )
सेकेंडरी स्टेज 4 वर्षों का होगा ( ग्रेड 9 से 12 तक )

नयी एजुकेशन पालिसी में क्या एक स्ट्रीम के विषयों को लेने की बाध्यता खत्म कर दी गयी है ?

नई एजुकेशन पालिसी में एक ही स्ट्रीम के विषयों को लेने की बाध्यता को ख़त्म कर दिया गया है। अब छात्र अपनी रूचि के हिसाब से अपने विषय चुन सकेंगे। साइंस और कॉमर्स के साथ ही आर्ट्स के विषय भी लिए हैं। इसके लिए शिक्षा नीति के अंतर्गत विभिन्न विषयों का पूल बनाया जाएगा।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के उद्देश्य

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उद्देश्य छात्रों की रटने की प्रवृत्ति को ख़त्म कर उनके सर्वांगीण विकास को महत्व देना है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक सालों के दौरान ही उनमे किसी विषय को बिना दबाव के समझने और प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

नयी एजुकेशन पालिसी में बी एड ० तथा एम फिल० से सम्बंधित क्या बदलाव है ?

नयी एजुकेशन पालिसी में एम फिल० के प्रोग्राम को ख़त्म कर दिया गया है। बी एड० प्रोग्राम की अवधि अब बढ़ा दिया गया है। अब 2 साल की जगह 4 साल में पूरा किया जा सकेगा।

मल्टीपल एग्जिट और एंट्री क्या है ?

मल्टीपल एग्जिट और एंट्री छात्रों को मिलने वाली सुविधा है। इस सुविधा के तहत कोई भी छात्र यदि किसी कारणवश पढाई छोड़ता है तो उसे पढाई की समयावधि के अनुसार सर्टिफिकेट , डिप्लोमा या फिर डिग्री प्रदान की जाएगी। साथ ही अगर वो आने वाले समय में अपनी पढ़ाई पूरी करना चाहे तो ऐसा कर सकता है। इसके लिए पहले साल से पढ़ने की जरुरत नहीं है।वो अपने बचे हुए कोर्स को ही पूरा कर सकता है।

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