PFI Full Form in Hindi – PFI का फुल फॉर्म क्या है?

PFI Full Form in Hindi:- वर्तमान समय में देश के विभिन राज्यों में NIA द्वारा छापेमारी का अभियान जारी है। NIA ने देश के विभिन भागों में PIA की रेड की है। अभी तक 12 राज्यों में छापेमारी जारी है और साथ ही ED ने भी पीएफआई के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। जिसमें अभी तक 106 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। जांच एजेंसी ने दिल्ली, कर्नाटक, असम, यूप, एमपी, तेलंगाना, महाराष्ट्र सहित कई राज्यों में रेड डाली है जिसमें अभी तक बहुत से पीएफआई संगठन के सदस्यों की गिरफ़्तारी हो चुकी है और कुछ की तफ्दीश चल रही है।

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PFI Full Form in Hindi
PFI Full Form in Hindi

बताया जा रहा है कि संघठन के खिलाफ इतने बड़े पैमाने पर एक्शन आतंकियों को धन मुहैया करने और उनको ट्रेनिंग की व्यवस्था करने व लोगों को प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए किया गया है। भारतीय जांच एजेंसियों द्वारा यह अभी तक की सबसे बड़ी रेड है।

पीएफआई के खिलाफ आए दिन जाँच एजेंसी और पुलिस की कारवाई की खबरें मीडिया में चलती रहती हैं। बिहार के बेगूसराय में हुए गोली कांड में भी इसका नाम सामने आता है और साथ ही दिल्ली में हुए दंगों तथा कानपुर में हुई हिंसा में भी पीएफआई को दोषी ठहराया जाता है। आतंकी संगठनों से पीएफआई के जुड़े होने के आरोप हैं। समय-समय पर होने वाले देश में आतंकी हमलों में भी पीएफआई का नाम सामने आता है।

देश के कई राज्यों में इसे प्रतिबन्ध लगाया हुआ है। हमेशा ये सवाल उठता है आखिर पीएफआई क्या है ? जिसके तार हमेशा गैरकानूनी गतिविधियों से जुड़े होते हैं। आज के इस आर्टिकल में हम आपको पीएफआई से जुड़े आपके सारे सवालों के जवाब देने की कोशिश करेंगे। कृपया इसे अंत तक पढ़ें और जानें PFI Full Form in Hindi, आखिर पीएफआई क्यों इतना चर्चा का विषय बना हुआ है।

क्या है पीएफआई और इसका इतिहास व फुलफॉर्म

पीएफआई को पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) के नाम से जाना जाता है और यह एक इस्लामिन चरमपंथी संगठन है। जिसकी स्थापना 22 नवम्बर 2006 में NDF(नेशनल डेवलोपमेन्ट फ्रंट) के उत्तराधिकारी के रूप में हुई थी। यह अपने आप को पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यकों के पक्ष में आवाज उठाने वाला समूह बताता है तथा लोगों को जागरूक करता है कि तुम्हें हमेशा अपने हक़ के लिए बोलना चाहिए।

इससे तुम्हारी आवाज बुलंद होगी जिसे कोई भी दबा नहीं सकता है। इस संगठन की शुरुआत केरल के कालीकट में हुई थी और वर्तमान में इसका कार्यालय दिल्ली के शाहीन भाग में स्थित है। मुस्लिम संघठन होने के कारण इसकी सभी गतिविधियों मुस्लिमों के इर्द-गिर्द ही घूमती है। वर्तमान समय में यह देश के 23 राज्यों में जुड़ा हुआ है और चाहता है की भविष्य में पूरे देश में अपना संगठन चलाए।

  • PFI – Popular Front of India
  • पीएफआई पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया

क्या है पीएफआई का असल मकसद

पीएफआई का असली मकसद है ‘मिशन 2047’ अर्थात पीएफआई साल 2047 तक देश को एक मुस्लिम राष्ट्र बनाना चाहता है तथा इस मिशन के अंतर्गत वह देश के अलग-अलग राज्यों में संगठन स्थापित कर रहा है और मुस्लिमों को जोड़कर इस मिशन को अंजाम तक पहुँचाने की प्लानिंग कर रहा है। ये लोग जानते हैं की पढ़े लिखे लोग तो शामिल नहीं होने वाले इसलिए ये लोग अपना टारगेट आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को बनाते हैं और उन्हें अपने संगठन का हिस्सा बनाकर इसमें शामिल करते हैं।

शामिल करने के बाद चुनिंदा लोगों को चुना जाता है और उन्हें कराटे, मार्शल आर्ट और हथियार चलाने की ट्रेनिंग दी जाती है तथा साथ में नारेबाजी भी सिखाई जाती है। वर्तमान में मिशन 2047 का ट्रेनिंग कैंप केरल, बिहार, झारखंड, तमिलनाडू, पश्चिम बंगाल। जहाँ पर NIA द्वारा छापेमारी की गई है।

इन देशों में सक्रिय है पीएफआई

पीएफआई देश के अलावा विदेशों में भी सक्रीय है। जिनमे बांग्लादेश, पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव, सऊदी अरब, ओमान, तुर्की, कुवैत, बहरीन और मॉरीशस आदि देश शामिल है। खाड़ी देशों में भी पीएफआई के तीन संगठन मौजूद हैं। जिनमे इंडियन फ्रेटरनिटी फोरम और इंडियन सोशल फोरम, रिहैब इंडिया फाउंडेशन शामिल हैं। इंडियन सोशल फोरम और इंडियन फ्रेटरनिटी फोरम ईस्ट के देशों से पीएफआई द्वारा भारत में चल रहे भारत विरोधी अभियान के लिए फंडिंग जुटाता है। ये तीनों संगठन विदेशों में रहकर पीएफआई द्वारा की जा रही गतिविधियों को छुपाता है।

क्या भारत में पीएफआई  प्रतिबंधित है? (PFI Banned In India)

देश में NIA ने पीएफआई के कई ठिकानो पर छापेमारी की है। जिसमें सरकार संज्ञान लेते हुए इस चरमपंथी समूह पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर प्रतिबन्ध लगाने पर विचार कर रही है। 22 सितम्बर को NIA द्वारा देश कके 15 से भी अधिक राज्यों में छापेमारी की गई और इसमें NIA को पीएफआई के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में संलिप्तता होने के बहुत से सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर कोई बड़ा निर्णय लिया जा सकता है।

देश में की गई इस छापेमारी के बाद होम मिनिस्टर अमित शाह ने नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल की गई जिसमें NIA के चीफ भी शामिल थे और मीडिया के रिपोर्ट्स के अनुसार पीएफआई को बैन करने से पूर्व एक्सपर्ट की सलाह ली जाएगी।

PFI से जुड़े विवाद

यह संगठन शुरू से ही विवादों में रहा है और इसे सिमी से मिलता-जुलता माना जाता है। सिमी यानी स्टूडेंट्स इस्लाक मूवमेंट ऑफ़ इंडिया जिसके ऊपर सरकार ने 2006 में बैन लगा दिया था। इसके बाद लोगों ने सरकार से 2012 में पीएफआई पर बैन करने की मांग की थी और केरल सरकार उस समय इसके पक्ष में खड़ा हुआ था और उसने यह दावा किया था कि यह सिमी से बिलकुल अलग हुए लोगों द्वारा बनाया गया संगठन है, जो कि सरकार के कुछ ही मुड़देव पर विरोध करता है।

ऐसा माना जाता है कि अप्रैल 1977 में बनाई गई संगठन सिमी पर जब सरकार द्वारा 2006 में बैन लगा उसके बाद से शोषित मुसलमानों, आदिवासियों और दलितों के अधिकार के नाम पर पीएफआई का समूह तैयार किया गया था। पीएफआई समूह की गतिविधियां सिमी से लगभग मिलती जुलती थी। वर्तमान समय में पीएफआई (PFI) के बैन की मांग को लेकर उत्तर प्रदेश में तेजी से दिख रहा है।

पीएफआई के अन्य फुल फॉर्म इस प्रकार है

  • Pay For Inclusion 
  • Public Finance Initiative 
  • Provisional Full Internet 
  • Profits From Illness 
  • Programmable Function Input 
  • Programmable Fuel Injection 
  • Pride Fowler Industries 
  • Pelican Financial Inc.
  • Private Finance Initiative 
  • Prison Fellowship International 
  • Paws For Independence 
  • Paul Fletcher International 

PFI का विवादों से वास्ता

पीएफआई से कार्यकर्ताओं पर आतंकी संगठन से कनेक्शन से लेकर हत्याओं तक का आरोप लगता है। केरल सरकार ने 2012 में हाईकोर्ट में बताया था कि PFI का हत्या के 27 मामलों में सीधा कनेक्शन है। ज्यादातर मामले इसमें RSS और CPM के कार्यकर्ताओं की हत्या से जुड़े हुए थे। केरल पुलिस ने अप्रैल 2013 में कुनूर के नराथ में छापा मारा था जिसमें पीएफआई से जुड़े 21 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया था।

छापेमारी के दौरान पुलिस को देशी बेम, तलवार, बम बनाने का सामन आदि बरामद हुए थे। पीएफआई द्वारा ये बयां दिया गया था की ये केस संगठन की छवि को ख़राब करने के लिए रचा गया है और बाद में केस की NIA को सौंप दिया गया जिसके बाद इसमें उच्चस्तरीय जांच की गई।

PFI पर लगा 5 साल का बैन

कट्टरपंथी इस्लामिक संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर चल रही जाँच टेरर फंडिंग व अन्य आतंकी गतिविधियों में दोषी पाए जाने से NIA द्वारा इसपर 5 साल के लिए बैन लगा दिया गया है। गृह मंत्रालय की तरह से इस अधिसूचना को जारी कर दिया गया है। UAPA एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबन्ध लगाया गया है। NIA ने 2017 में गृह मंत्रालय को पात्र लिखकर इस संगठन पर प्रतिबन्ध लगाने की मांग की थी तथा NIA की जांच में इस संगठन के कथित तोर पर हिंसक और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने की बात सामने आयी थी और NIA के मुताबित यह संगठन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया।

लगातार चल रही छापेमारी में संगठन के अवैध गतिविधियों पाए जाने के कारण इस संगठन पर बैन लगाया गया तथा इसके अलावा अन्य आठ संगठनों पर भी टेरर फंडिंग के लिंक से जुड़े होने पर बैन लगा दिया गया है। टेरर फंडिंग से जुड़े पुख्ता सुबूत मिलने के बाद ही यह फैसला लिया गया है।

PFI Full Form in Hindi FAQ’s

PFI का फुल फॉर्म क्या है?

PFI का फुल फॉर्म पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (Popular Front of India) है।

PFI (पीएफआई) की स्थापना कब और कहाँ की गई ?

PFI (पीएफआई) की स्थापना 22 नवम्बर 2006 में NDF(नेशनल डेवलोपमेन्ट फ्रंट) के उत्तराधिकारी के रूप केरल के कालीकट में हुई थी।

PFI (पीएफआई) का मुख्यालय कहाँ पर स्थित है ?

PFI (पीएफआई) का मुख्यालय दिल्ली के शाहीन भाग में स्थित है।

PFI (पीएफआई) का मिशन 2047 है ?

PFI (पीएफआई) का मिशन 2047 एक पूरे भारत में अपने संगठन को फैलाना है।

PFI (पीएफआई) के साथ अन्य कितने संगठन जुड़े हुए हैं ?

PFI (पीएफआई) के साथ अन्य 8 संगठन भी जुड़े।

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