Court Marriage Procedure: कोर्ट मैरिज कैसे करें? कोर्ट मैरिज की फीस और डॉक्यूमेंट्स के बारे में जानें सबकुछ

Court Marriage Procedure– कानूनी रूप से पति पत्नी बनने के लिए आज के समय में लोग कोर्ट मैरिज करते है। कानूनी तरीके से शादी करने के लिए यह सबसे बेहतर विकल्प है। साथ ही कोर्ट मैरिज करने के लिए आपको ज्यादा खर्च करने की आवश्यकता नहीं है। भारत एक ऐसा देश है जहाँ विभिन्न धर्मों से संबंधित लोग एक साथ रहते है। और सभी धर्मों के लोग अपनी रीती-रिवाजों के अनुसार शादी करते है। लेकिन कोर्ट में शादी करना सबसे अलग होता है। इसके लिए आपको किसी भी तरह की रीती रिवाज को नहीं निभाना होता है। कोर्ट मैरिज में कानूनी टूर तौर पर लड़का एवं लड़की शादी के बंधन में बंध जाते है। अपने रिश्ते को कानूनी रूप देने के लिए अधिकतर नवविवाहित जोड़े कोर्ट में भी जाते है।

कोर्ट मैरिज की फीस और डॉक्यूमेंट्स के बारे में जानें सबकुछ

यदि आप क़ानूनी तरीके से शादी करना चाहते है तो आप कोर्ट मैरिज कर सकते है। कोर्ट मैरिज करने के लिए बस कुछ नियम लागू किये गए है जिसमें लड़का और लड़की नाबालिग नहीं होने चाहिए। कोर्ट मैरिज करने के लिए वह पहले से किसी शादी के बंधन में ना बंधे हो। कोर्ट मैरिज करने के लिए आपको किसी भी तरह की फीस देने की आवश्यकता नहीं है। बस आपको स्टाम्प ड्यूटी शुल्क के रूप में निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा। इसी के साथ कोर्ट मैरिज करने के लिए आपके पास नीचे दिए गए सभी प्रकार के महत्वपूर्ण दस्तावेज होने चाहिए।

कोर्ट मैरिज के लिए आवश्यक दस्तावेज

  • भरा हुआ आवेदन पत्र
  • लड़का-लड़की का चार पासपोर्ट साइज फोटो
  • निवास प्रमाण पत्र
  • 10वीं की मार्कशीट
  • तलाकशुदा मामले में तलाक के कागजात
  • विधवा या विधुर के मामलें में मृत्यु प्रमाण पत्र
  • गवाहों की फोटो
  • पैन कार्ड और पहचान पत्र

कोर्ट मैरिज ऐसे करें Court Marriage Procedure

कोर्ट मैरिज करने के लिए आपके पास तीन गवाह होने जरुरी है। Court Marriage रजिस्ट्रेशन कराने की प्रक्रिया काफी लम्बी होती है। रजिस्ट्रेशन करने के लिए शुल्क भी अलग-अलग निर्धारित किये गए है। कोर्ट में शादी करने के लिए न्यूनतम रूप में 1 हजार रूपये की शुल्क राशि निर्धारित की गयी है। कुल मिलाकर कागजी कार्यवाही और वकीलों को लेकर इसमें 10 हजार रूपये से लेकर 20 हजार रुपये तक का खर्च होगा।

यदि लड़का और लड़की दूसरे धर्म में शादी करना चाहते है तो इसके लिए उन्हें संबंधित जिला के विवाह अधिकारी के पास अपनी शादी की एक लिखित सूचना देनी होगी। इस शादी में किसी को आपत्ति होने पर 30 दिनों के भीतर शिकायत दर्ज की जा सकती है। यदि शादी को लेकर किसी तरह की कोई शिकायत दर्ज नहीं है तो रजिस्ट्रेशन फीस देकर शादी हो सकती है।

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