RBI on Banks: कभी नहीं डूबेंगे ये 3 बैंक, RBI जारी किए नाम

भारत में कई बैंक हैं, जिनमें कुछ सरकारी और कुछ निजी हैं। कुछ बैंक कई बार किसी कारण बंद हो जाते हैं, जिससे ग्राहकों का पैसा डूब जाता है। हाल ही में, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि देश में तीन बैंक ऐसे हैं जो कभी भी बंद नहीं हो सकते। ये बैंक हैं:

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने हाल ही में घोषणा की है कि देश में तीन बैंक ऐसे हैं जो कभी नहीं डूब सकते। ये बैंक हैं:

  • भारतीय स्टेट बैंक (SBI)
  • आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank)
  • एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank)
RBI on Banks: कभी नहीं डूबेंगे ये बैंक, RBI लेता है इनकी गारन्टी
RBI on Banks: कभी नहीं डूबेंगे ये बैंक, RBI लेता है इनकी गारन्टी

RBI का यह दावा देश के करोड़ों लोगों के लिए एक बड़ी राहत है। यह बताता है कि इन बैंकों में जमा पैसा किले की तरह सुरक्षित है।

जोखिम को करीब भी नहीं आने देते बैंक

कम एनपीए

एनपीए का मतलब है “नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स” यानी “असफल संपत्तियाँ”। एनपीए वह कर्ज होता है जिसे ग्राहक समय पर नहीं चुका पाता है। एनपीए जितना कम होगा, बैंक उतना ही सुरक्षित होगा।

इन तीनों बैंकों का एनपीए बहुत कम है। SBI का एनपीए 0.67% है, ICICI बैंक का एनपीए 2.83% है और HDFC बैंक का एनपीए 2.37% है।

सुरक्षित निवेश

इन बैंकों का अधिकांश निवेश सुरक्षित विकल्पों में है। इसका मतलब है कि इन बैंकों के निवेश से जोखिम बहुत कम है।

SBI का 62.94% निवेश हेल्‍ड टू मेच्‍योरिटी (HTM) श्रेणी में दिया जाता है। ये इस प्रकार के ऑप्शन होते हैं, जिनमें जमा पैसों की मेच्‍योरिटी तारीख दी हुई होती है। इन ऑप्शंस से बैंक को 6.51 प्रतिशत का रिटर्न उपलब्ध होता है।

मजबूत वित्तीय स्थिति

इन बैंकों के पास पर्याप्त पूंजी, तरलता और प्रबंधन कौशल है। इसका मतलब है कि इन बैंकों के पास किसी भी आर्थिक संकट का सामना करने की क्षमता है।

SBI में लगभग कुल मिलाकर 55,16,979 करोड़ रुपये के असेट हैं, तथा बैंक का कुल लोन पोर्टफोलियो 32,69,242 करोड़ रुपये है। बैंक में कस्टमरों के कुल 44,23,778 करोड़ रुपये जमा किए गए हैं।

इन बैंकों की मजबूती से यह स्पष्ट है कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली सुरक्षित है।

इन बैंकों की खासियत क्या है?

इन बैंकों की कुछ खासियत हैं जो उन्हें कभी डूबने से बचाती हैं। इनमें शामिल हैं:

  • मजबूत संपत्ति आधार: इन बैंकों के पास लोन से कहीं अधिक संपत्ति है। इसका मतलब है कि अगर कोई भी लोन डूब जाए, तो भी बैंक को कोई नुकसान नहीं होगा।
  • कम एनपीए: इन बैंकों का एनपीए (Non-Performing Assets) बहुत कम है। इसका मतलब है कि इन बैंकों के पास डूबने वाला कर्ज बहुत कम है।
  • सुरक्षित निवेश: इन बैंकों का अधिकांश निवेश सुरक्षित विकल्पों में है। इसका मतलब है कि इनके निवेश से जोखिम बहुत कम है।
  • मजबूत वित्तीय स्थिति: इन बैंकों की वित्तीय स्थिति बहुत मजबूत है। इनके पास पर्याप्त पूंजी और तरलता है।

इन बैंकों को सरकार भी बचाती है

इन बैंकों के डूबने से देश की अर्थव्यवस्था को गंभीर नुकसान हो सकता है। इसलिए सरकार भी इन बैंकों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास करती है।

अगर किसी भी कारण से इन बैंकों की वित्तीय स्थिति खराब हो जाती है, तो सरकार उन्हें आर्थिक मदद देकर बचा सकती है। इसके अलावा, सरकार इन बैंकों के लिए डिपॉजिट गारंटी योजना (DICGC) भी चलाती है। इस योजना के तहत, जमा कर्ताओं के 5 लाख रुपये तक के जमा पर सरकार गारंटी देती है।

इन बैंकों के अलावा, RBI ने अन्य 12 बैंकों को भी MSB का दर्जा दिया है। ये बैंक हैं:

  • एचडीएफसी बैंक
  • आईसीआईसीआई बैंक
  • एक्सिस बैंक
  • कोटक महिंद्रा बैंक
  • यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
  • बैंक ऑफ महाराष्ट्र
  • इंडियन ओवरसीज बैंक
  • बैंक ऑफ Baroda
  • पंजाब एंड सिंध बैंक
  • कैनरा बैंक
  • इंडियन बैंक
  • इलाहाबाद बैंक

RBI का मानना है कि ये बैंक भी भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं और इनके दिवालिया होने से अर्थव्यवस्था को नुकसान हो सकता है।

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