राहुल गाँधी जीवन परिचय, उम्र, परिवार, शिक्षा

राहुल गाँधी जीवन परिचय: राहुल गाँधी भारत के कांग्रेस पार्टी के दिग्गज राजनायिकों में से एक पूर्व अध्यक्ष माना जाता हैं, इनका जन्म देश के प्रसिद्द राजनितिक गाँधी-नेहरू परिवार के चौथी पीढ़ी के तौर पर हुआ। राहुल गाँधी पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी व कांग्रेस की वर्तमान अध्यक्ष सोनिया गाँधी के पुत्र हैं और इनकी एक छोटी बहन है जिनका नाम प्रियंका गाँधी वाड्रा है। इन्होने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा दून स्कूल, मॉल देहरादून और सेंट कोलबा स्कूल दिल्ली से की है। लेकिन क्या आप जानते हैं की राहुल गाँधी की उच्च शिक्षा उनका राजनैतिक करियर कहाँ और कब से शुरू हुआ है, यदि नहीं तो आज हम आपको अपने लेख के माध्यम से राहुल गाँधी के जीवन पिरचय की पूरी जानकारी प्रदान कर रहे हैं, जिसके लिए आप इस लेख को पूरा अवश्य पढ़ें।

जाने राहुल गाँधी जन्म और शिक्षा

राहुल गाँधी का जन्म 19 जून 1970 को दिल्ली में हुआ। इनकी प्रारम्भिक शिक्षा दून स्कूल, मॉल देहरादून और सेंट कोलबा स्कूल दिल्ली से हुई, जिसके बाद सुरक्षा कारणों को ध्यान में रखते हुए इन्होने बाकी स्कूल की पढ़ाई घर से जारी रखी। राहुल गाँधी के स्कूली शिक्षा पूरी होने के बाद इन्होने अपनी उच्च शिक्षा पूरी करने के लिए हॉवर्ड विश्ववद्यालय के रोलिंग्स कॉलेज फ्लोरिडा से सन 1994 में कला स्नातक और 1995 में कैंब्रिज विश्वविद्यालय के ट्रिनटी कॉलेज से एम.फील की उपाधि प्राप्त की।

राहुल गाँधी परिवार

राहुल गाँधी का जन्म एक हिंदू कश्मीरी ब्राह्मण के रूप में हुआ है, वह एक कश्मीरी ब्राह्मण के रूप में जाने जाते हैं, जो स्वर्गीय इंदिरा गाँधी और फ़िरोज़ गाँधी के पोते हैं। इंदिरा गाँधी जी जो भारत की पहली महिला प्रधामंत्री के रूप में नियुक्त की गई। राहुल गाँधी की माता सोनिया गाँधी जिनका जन्म इटली में हुआ था, वर्तमान में कांग्रेस की अध्यक्ष है और पिता पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी थे। इनके चाचा संजय गाँधी एक राजनीतिज्ञ हुआ करते थे जबकि चची मेनका गाँधी और चचेरे भाई वरुण गाँधी भारतीय जनता पार्टी में प्रमुख राजनेता के रूप में कार्यरत है।

Rahul Gandhi’s Age (उम्र) और करियर

राहुल गाँधी की वर्तमान में आयु 51 वर्ष हैं। इन्होने अपनी उच्च शिक्षा के बाद राजनीति में प्रवेश करने से पहले कुछ निजी फार्मों में भी तीन वर्षों तक काम किया। जिसके बाद इन्होने अपना राजनैतिक करियर मार्च 2004 में उत्तर प्रदेश के अमेठी निर्वाचन क्षेत्र में सबसे पहले 2004 का 14 लोकसभा चुनाव लड़कर शुरुआत की, जिससे इन्हे कांग्रेस पार्टी के सफल नेता के रूप में देखा गया, इसके साथ ही कई विदेशी मीडिया के साथ अपने पहले इंटरवियू में उन्होंने खुद को देश को जोड़ने वाली सख्शियत के रूप में पेश किया। इन चुनावों में उन्होनें कोंग्रेस के विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी को कुल एक लाख मतों से हराकर जीत हांसिल की, जिसके बाद 2006 में रायबरेली में राहुल गाँधी व उनकी बहन ने दोबारा सत्तारूढ़ होने के लिए चुनाव अभियान अपने हाथ में लिया जिसमे उन्होंने 4 लाख मतों से जीत हांसिल की।

2006 की जीत के बाद राहुल गाँधी को 24 सितंबर 2007 को अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के महसचिव के रूप में नियुक्त किया गया, उसके बाद उन्हें भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ और युवा कोंग्रेस का कार्यभार दिया गया। 2009 में राहुल गाँधी ने दोबारा चुनावों में अपने प्रतिद्वंदी को 3 लाख 33 हजार वोटों से भारी मतों से हराकर अपनी अमेठी की सीट को बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। इन लोक सभा चुनावों में कांग्रेस ने कुल 80 लोकसभा में से 21 जीतकर उत्तरप्रदेश में पार्टी को पुनर्जीवित किया।

जनवरी 2013 में गाँधी को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के उपाध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया। जिसके बाद 2014 में लोक सभा चुनावों में राहुल गाँधी ने अपनी प्रतिद्वंदी स्मृति ईरानी की पार्टी को हराकर एक बार फिर अपनी अमेठी की सीट को बरकरार रखा, दिसंबर 2017 में राहुल गाँधी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में चुने गए। जिसके बाद 2019 के लोकसभा चुनावों में वायनाड सीट पर जीत हांसिल की मगर अमेठी में भाजपा की प्रस्तियाशी स्मृति ईरानी से 55120 मतों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

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