जैन नडेला की मौत, क्या है सेरेब्रल पाल्सी बीमारी, जिसके चलते जान चले गई ?

माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला के 26 वर्षीय बेटे , जैन नडेला की सोमवार को सेरेब्रल पाल्सी के चलते मौत हो गयी। जैन नाडेला बचपन से ही इस बीमारी (Cerebral Palsy) से ग्रस्त थे। सेरेब्रल पाल्सी एक ऐसी बीमारी है जो कि  न्‍यूरोलॉजिकल डिस्‍ऑर्डर से जुडी होती है। इस के बहुत से केसेस अब भारत में भी देखने को मिल रहे हैं। बता दें की रिपोर्ट के मुताबिक़ भारत देश में एक हजार बच्चों में से हर तीसरे बच्चे में इस बीमारी को देखा जा रहा है। आज इस लेख में हम इसी बीमारी के बारे में बात करेंगे। यहाँ जानेंगे की ये बीमारी कैसे होती है और इसके क्या क्या लक्षण हैं जिन्हे देखकर सभी को सचेत हो जाना चाहिए।

जैन नडेला की मौत, क्या है सेरेब्रल पाल्सी बीमारी, जिसके चलते जान चले गई?

क्या है सेरिब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy)?

Cerebral Palsy एक न्‍यूरोलॉजिकल डिस्‍ऑर्डर (Neurological Disorder ) है। इस बीमारी में ब्रेन में डैमेज होने या दिमाग के पूरी तरह से विकसित न हो पाने की वजह से बॉडी में अनेक डिसऑर्डर्स दिखने लगते हैं। इसी कंडीशन को क्रेबराल पाल्सी कहते हैं। CDC (अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी ) के अनुसार ये बीमारी बचपन में ही होती है। इस की शुरुआत गर्भ में ही जन्म से पहले या जन्म के बाद 2 वर्षों के अंदर ही विकसित हो जाती है। बताया गया है की इस बीमारी के 85 % प्रतिशत केसेस जन्मजात ही होते हैं। इस बीमारी का कोई इलाज नहीं है इसलिए एक बार होने पर ये बीमारी जिंदगी भर ऐसी ही रहती है। बताते चलें की इस बीमारी के बारे में अभी लोगों को बहुत अधिक जानकारी नहीं है। इसलिए सेरिब्रल पाल्सी के बारे में लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से हर साल 6 अक्टूबर को ‘वर्ल्ड सेरेब्रल पाल्सी डे’ के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है।

सेरिब्रल पाल्सी की समस्या क्यों होती है?

अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी के अनुसार इस बीमारी की वजहों में गर्भवस्था के दौरान बच्चे के दिमाग में ऑक्सीजन की कमी होने से जीन में म्युटेशन होने से , ब्रेन में इन्फेक्शन या ब्लीडिंग आदि को माना गया है। बताते चलें कि ये बीमारी वयस्कों में देखने को नहीं मिलती। ये शुरूआती वर्षों में या फिर जन्मजात ही हो सकती है। आइये जानते हैं क्या वजहें हैं –

  1. जीन म्युटेशन (जिससे दिमाग असामान्य तौर पर विकसित होता है )
  2. ब्रेन में इन्फेक्शन होना। जैसे- एन्सेफलाइटिस और मेनिन्जाइटिस
  3. बच्चे को पीलिया की समस्या होने पर
  4. किसी ऐसे एक्सीडेंट की वजह से जिससे दिमाग में चोट आ जाए।
  5. गर्भवस्था में दिमाग में ऑक्सीजन की कमी

ये है लक्षण

यदि इस बीमारी की पहचान करनी है तो आपको बच्चे के शुरू के 2 वर्षों में ये लक्षण देखने होंगे जिससे बीमारी की समय से पहचान हो सके।

  • मांसपेशियों में अकड़न होना।
  • खाने को निगलने में दिक्कत होना
  • चलने फिरने में परेशानी
  • मुँह से लार बहना
  • शरीर के एक तरफ का हिस्सा ठीक से कार्य न करना।
  • दौरे पड़ने की समस्या होना
  • बौद्धिक रूप से अक्षमता होना

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