सूजी मावा की गुजिया बनाने की विधि – होली स्पेशल, Semolina Khoya Gujiya

गुजिया बनाने की विधि: होली का त्यौहार नज़दीक है। रंगों के इस त्यौहार में सभी लोग हर्षोल्लास के साथ इसकी तैयार में लग गए होंगे। होली के त्यौहार में रंगों के अलावा भी कुछ होता है जिसके बिना होली अधूरी रहती है। जी हाँ , हम बात कर रहे हैं गुझिया की। होली में गुझिया का अलग ही मज़ा होता है। इसीलिए हम आज आप को इस आर्टिकल के माध्यम से गुजिया बनाने की विधि बताएंगे। ताकि आप भी इस होली स्वादिष्ट गुजिया के साथ सेलब्रटे कर सकें।

गुझिया बनाने की सामग्री

सबसे पहले आप को गुजिया बनाने के लिए कुछ जरुरी सामग्री तैयार करनी होगी। इस के लिए आप सबसे पहले नीचे दी गयी सूची में से सभी सामान ले आएं –

  1. मैदा – 2 कप (250 ग्राम)
  2. सूजी – 1/3 कप (60 ग्राम)
  3. मावा – 1/2 कप (125 ग्राम)
  4. घी – 1/4 कप (60 ग्राम)
  5. सूखा नारियल – 1/3 कप (कद्दूकस किया हुआ)
  6. बूरा – 3/4 कप (150 ग्राम)
  7. बादाम – 10 से 12 (बारीक कटे हुए)
  8. किशमिश – 1 टेबल स्पून
  9. काजू – 10 से 12 (बारीक कटे हुए)
  10. इलायची – 6 से 7
  11. काली मिर्च – 10 से 11 (दरदरी कुटी हुई)
  12. जायफल – 1/2
  13. घी – तलने के लिए

गुजिया बनाने की विधि

Semolina Khoya Gujiya बनाने के लिए आप सबसे पहले सभी सामग्री इक्कठा कर लें।

डोह तैयार करें : अब आप को सबसे पहले गुझिया बनाने के लिए मैदे का डोह (गुंथा हुआ मैदा ) बनाना होगा। इसके लिए आप मैदे में एक चौथाई कप घी (मोयन ) मिला दें। इसके बाद इसे गूंथ लें। इस बात का ध्यान रखें की आप को मैदे का डोह पूरी के आटे से थोड़ा सख्त गूँथना होगा। इसमें ज्यादा से ज्यादा आधा कप पानी ही लगेगा। अब आप गुंथे हुए मैदे के डोह को ढक कर 20 – 25 मिनट के लिए रख दें। इससे डोह तब तक सेट हो जाएगा।

ऐसे बनाएं स्टफिंग : मैदे का डोह तैयार करने के बाद आप को स्टफिंग (भरावन / कसार ) तैयार करनी है। इस के लिए आप एक पैन लें और उसमें 2 टेबल स्पून घी गरम करें। गैस को माध्यम आंच पर करके घी गरम होने के बाद इसमें सूजी डालें और लगातार चलाते रहे। जैसे ही सूजी कर रंग गोल्डन ब्राउन हो जाए गैस बंद करके कुछ देर चलाए और साथ में चीनी का बूरा सूजी पर डाल दें।

अब पैन में काजू बादाम को एक दो मिनट भूनने के बाद सूजी में मिला दें। साथ ही सूखे नारियल को भी पैन में डालकर आधा मिनट भूने और इसे भी सूजी में मिला दें। इसके बाद आप को मावा लेना है और उसे भी हल्का रंग बदलने तक और अच्छी खुशबू आने तक माध्यम आंच पर भूनना होगा। अब किशमिश और मावे को भी साथ में सूजी के साथ मिला लें। अब इलाइची काली मिर्च को दरदरा पीस लें। जायफल को भी कद्दूकस करें।

अब सभी चीजों को सूजी में अच्छे से मिला लें। आप की गुझिया में भरने के लिए स्टफिंग तैयार है।

गुझिया ऐसे भरें: स्तुफ्फिंग तैरार होने के बाद आपको मैदे को चेक करना है। सबसे पहले मैदे को थोड़ा और मसल लें। अब आप इसकी छोटी छोटी लोइयां बनाएं। इस बात का ख़ास ख्याल रखें की इन लोइयों को किसी कपड़े से धक् कर रखें ताकि ये सूखें नहीं। अब आप को लोई लेकर उन्हें हथेलिओं पर अच्छे से मसलते हुए गोल करें और फिर पेढ़े के आकर का बनाना है। अब इसे इसे 3 – 4 इंच की व्यास में पतला बेल लें। आप को ध्यान रखना होगा की बेलते वक्त ये समान आकार की हों। कहीं से पतली और कही से मोटी नहीं होनी चाहिए।

बेलने के बाद इस पूरी को गुझिया के सांचे में रखें। सांचे में रखते हुए पूरी का निचला भाग ऊपर की ओर रखना है। इसमें 2 छोटी चम्मच स्टफिंग बीच में भरें। इस के बाद साँछे में रखी पूरी के चारों तरफ थोड़ा सा पानी लगाइये और उसे अच्छे से दबाते हुए बंद कर दें। जिससे मसाला (स्टफिंग ) बाहर न आये। मैदे के पूरी का जितना हिस्सा सांचे के बहार आ रहा है उसे हटा दें। अब सांचे को खोलकर गुझिया को किसी प्लेट में रख दें। इसी प्रकार सभी लोइयों को बेलकर और उन्हें भरने के बाद गुझिया तैयार कर लें।

बता दें की जो अतिरिक्त आटा सांचे से हटाया गया है उसका भी इस्तेमाल आप इकठ्ठा करके बेलने के बाद गुझिया बनाने के लिए कर सकते हैं।

गुझिया को तलने की प्रक्रिया : गुझिया को सही तरह से तलने के लिए आवश्यक है की आप इसे माध्यम गरम घी / तेल में तलें। इससे गुजिया कुरकुरी बनेंगी और साथ ही जलेंगी भी नहीं।

इसके लिए आप सबसे पहले घी को पैन में डालें। घी ठीक तरह से गरम हुआ है या नहीं इसे देखने के लिए आप मैदे की छोटी सी लोई डालकर देख लें। इस के बाद आप गरम घी में गुजिया डालकर तल सकते हैं। आपको गुझिया को तलते समय चेक करते रहना है। जैसे ही गुझिया एक तरफ सिक जाए तब इसे पलटते रहे और दोनों तरफ गोल्डन ब्राउन होने पर आप इसे करछी से निकाल सकते हैं। निकालते वक्त आप को पहले कढ़ाई के किनारे पर गुझियों को रोकना होगा जिससे उसमे सभी अतिरिक्त तेल और घी निकल जाए। अब आप इसे किसी प्लेट में रख दें। बता दें की एक बार की गुझिया को तलने के लिए 8 से 10 मिनट लग जाते हैं।

रखें इन बातों का ध्यान

  • आप इन गुजिया को तलने के 15 दिन तक खा सकते है।
  • डोह बनाते वक्त इस बात का खास ध्यान रखें की डोह ज्यादा सख्त नहीं होना चाहिए और न ही नरम। डोह ऐसा होना चैहिये जो कि बिना सूखा मैदा या घी लगाए एकसार पूरी बेल सकें।
  • गुजिया की स्टफिंग भरते समय इसे बीच में भरें। कसार के किनारे पहुंचने पर ये ठीक से चिपकेगा नहीं और तलते समय गुझिया के खुल जाने का डर होता है।
  • कसार / स्टफिंग / फिलिंग को भरते समय ध्यान रहे की बहुत अधिक न भरें। इससे गुझिया तलते समय खुल जाती है।
  • यदि कभी कोई गुझिया तलते समय खुल जाए तो उसे जल्दी से हटा लें और सबसे अंत में इसे तलें। इस से घी खराब नहीं होगा।
  • आप एक साथ सारे गुझिया नहीं बनाना चाहते तो आप फिलिंग को तैयार करने के बाद कुछ हिस्सा अलग कर सकते हैं। जितनी आवश्यकता ही उतनी बनाएं और फिर बाकी की स्टफिंग आप अपनी सुविधानुसार 15 – 20 दिन के भीतर बना सकते हैं।

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