RBI News: 31 दिसंबर से पहले कर लें ये काम नहीं तो बंद हो जाएगा आपका बैंक अकाउंट

RBI News: बैंक ग्राहकों के लिए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने एक बहुत ही महत्वपूर्ण खबर को पेश किया है। बैंक और अन्य फाइनेंसियल सर्विस के ग्राहकों ने यदि अपनी आइडेंटिटी और एड्रेस प्रूफ दस्तावेजों यानी KYC डॉक्युमनेट्स को फाइनेंसियल इंस्टीटूशन्स (वित्तीय संस्थानों) के साथ अपडेट नहीं किया है। उन सभी ग्राहकों को भारी नुकसान झेलना पढ़ सकता है। जी हाँ, उन सभी ग्राहकों के खाते आने वाले नए साल 2022 में बंद (फ्रीज) हो सकते है। अगर अपने 31 दिसंबर तक ये काम नहीं किये तो उनका बैंक अकाउंट बंद हो जाएगा। चलिए जानते है क्या नियम थे RBI के।

31 दिसंबर से पहले कर लें ये काम

जो भी ग्राहक KYC मानदंडों को पालन नहीं कर रहे तो उनके खिलाफ बैंक द्वारा कार्यवाही की गयी थी। इसी के चलते भारतीय रिज़र्व बैंक ने उन्हें 31 दिसंबर तक KYC मानदंडो को पूरा करने का समय दिया था जो कि अब बहुत जल्द कुछ दिन में समाप्त होने वाला था। RBI ने मई महीने मैं सभी सरकारी व प्राइवेट बैंकों को सर्कुलर भेजा था जिसमे यह कहा गया था कि देश के कई पार्ट्स में मौजूदा कोविड से जुड़े रेस्ट्रिक्शन्स को ध्यान में रखते हुए यह सलाह दी गयी कि जिन ग्राहकों के खाते में KYC का अपडेशन किया जाना है और जो ससपेंड है ऐसे अकाउंट के संचालन पर 31 दिसंबर तक कोई प्रतिबंध ना लगाया जाएं। लेकिन किसी एजेंसी/ नियामक/ कोर्ट द्वारा प्रतिबंध लगाया जा सकता है।

KYC नॉर्म्स है एंटी मनी लौंडरी कानून का हिस्सा

देश के कई ऐसे ग्राहक है जो समय से अपना KYC नहीं भरते और उनकी KYC भरने के डेट एक्सपायर हो जाती है। RBI द्वारा यह कहा गया कीं वह कोविड-19 की दूसरी लहार को देखते ग्राहकों की KYC पर जोर ना दें इसके लिए रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया ने ग्राहकों को 31 दिसंबर तक का समय दिया था। लेकिन अब इसकी डेडलाइन समाप्त होने वाली है। जिसके बाद बैंक कार्यवाई हेतु फ्री यानी आज़ाद हो जायेंगे।

बता दें KYC को अपडेट बैंक ग्राहकों के साथ-साथ सभी रेगुलेटेड फाइनेंसियल एंटीटी के लिए भी है क्यूंकि KYC एंटी मनी लॉन्डरिंग का हिस्सा है। इन एंटिटी में फाइनेंस कंपनी, म्यूच्यूअल फण्ड, ब्रोकिंग हाउस और डिपॉज़िटरी शामिल है।

जानते है कितने साल में अपडेट करना होता है KYC

जितने भी खाते कम रिस्क वाले होते है उन्हें 10 साल में एक बार KYC अपडेट करना होता है साथ ही हाई रिस्क वाले खाताधारकों को हर 2 साल में KYC अपडेट करना होता है। इसके साथ ही डोरमेंट और इनएक्टिव खातों को भी अनफ्रीज या रिएक्टिव करने के लिए नयी KYC अपडेट की जरुरत पड़ेगी। बैंक का कहना है कि KYC 10 साल में एक बार अपडेट करनी जरुरी है लेकिन कुछ मामलों में पेश किये गए डाक्यूमेंट्स ऑफिसियल वैलिड डाक्यूमेंट्स की सूची का हमेशा हिस्सा रहे है ये भी जरुरी नहीं।

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