Rajanigandha Farming: शुरू करें रजनीगंधा की खेती, होगा करोड़ों का मुनाफा, जानें संपूर्ण जानकारी

Rajanigandha Farming: आज देश में बहुत से किसान बागवानी से नई-नई फसलों की खेती कर अच्छा लाभ कमा रहे हैं, ऐसे में यदि आप भी ऐसी ही किसी बागवानी से जुडी खेती की शुरुआत कर हर महीने बेहतर कमाई करना चाहते हैं। तो आज हम आपके लिए एक बेहद ही लाभकारी रजनीगंधा फार्मिंग की जानकारी लेकर आएँ हैं, रजनीगंधा फूल (Tuberose Flower) जिसे निशिगंधा, स्वॉर्ड लिली के नाम से भी जाना जाता है, इन पौधों की खेती करके आप करोड़ों का मुनाफा कमा सकेंगे। Rajanigandha Farming क्या है और इसे शुरू करके कैसे बेहतर कमाई की जा सकेगी, इसकी विस्तृत जानकारी आपको हमारे लेख के माध्यम से प्राप्त हो जाएगी।

जानिए क्या है Rajanigandha Farming

रजनीगंधा फार्मिंग बागवानी के क्षेत्र में एक बेहद ही लाभकारी खेती है, यह खेती देश के मैदानी क्षेत्रों में फरवरी से मार्च तथा पहाड़ी क्षेत्रों में अप्रैल से मई के महीने में की जाती है। राजनीगंधा की खेती करना बहुत मुश्किल काम नहीं है, इस खेती को आसानी से कम संसाधनों में किया जा सकता है। जिसमे खेती करने के बाद पौधे से उगने वाले रजनीगंधा के फूल सफ़ेद रंग के कुप्पी (फनल) के आकर के 25 मीटर लंबे होते हैं। यह एक बेहद ही सुन्दर व सुनगंधित फूल होते हैं, जिसकी खेती से पौधे में लगने वाले फूलों का उपयोग बहुत सी इत्र कंपनियों में, गुलदस्तें में सजावट के लिए या फूलों की माला बनाने में होता है। इन फूलों का व्यवसाय बिना अधिक मेहनत और रखरखाव के किया जा सकता है।

रजनीगंधा की खेती के लिए उपयुक्त जल वायु और तापमान

इन फूलों के खेती के लिए खुल्ले मैदानी इलाके बहुत ही बेहतर जगह होती है जहाँ इनमे सही मात्रा में धूप मिल सके। छाया वाली जगह में रजनीगंधा के पौधे सही से उग नहीं पाते, इसके लिए गरम व नमी वाले इलाके जहाँ तापमान 20 डिग्री से 32 डिग्री हो उन जगहों में इस पौधे की खेती काफी अच्छी होती है, इसके साथ ही इसके 30 से 50 हजार से अधिक कंद (Tuber) कठोरता वाले क्षेत्रों में 20X20 Cm की दूरी पर लगाकर बढ़ाए जा सकते हैं। रजनीगंधा की खेती में सही तापमान और जलवायु का अधिक महत्त्व होता है, यदि रजनीगंधा के कंद को सही वातावरण मिलता है तो उससे उगने वाले पौधे में काफी बेहतर और अधिक फूलों का उत्पादन होता है।

कैसी मिटटी में की जा सकेगी रजनीगंधा की खेती

रजनीगंधा की खेती वैसे तो हर किस्म की मिटटी में की जा सकती है, लेकिन रजनीगंधा के कंद की रोपाई के लिए उपजाऊ, बलुई-दोमट या दोमट मिटटी इसकी खेती के लिए काफी उपयोगी होती है। इस खेती के लिए सबसे सही पीएच लेवल 6.5 से 7.5 तक होता है, जिसमे कंद की उपज काफी बेहतर होती है, यह व्यावसायिक खेती अधिकतर महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, तमिल नाडु जैसे राज्यों में अधिक की जाती है जहाँ खेती के लिए सही पीएच लेवल की मिटटी पाई जाती है।

Rajanigandha Farming का तरीका

रजनीगंधा फार्मिंग करने के लिए पहले चयन किए गए ताजे दो सेमी या इससे बड़े कंद का रोपण किया जाता है, इन बल्ब की संरचना के आधार पर इन्हे खेतों में 20 से 30 सेमी में एक लाइन पर चार से आठ सेमी तक उचित दूरी पर प्रयाप्त मात्रा में नमी वाली भूमि में रोपण करना होता है। इसके साथ ही रोपण की गई मिटटी में सही मात्रा में जैविक खाद्य, प्राकृतिक उर्वरक आदि का भी उपयोग करना आवश्यक होगा, जिससे पौधे को सही मात्रा में बढ़ने के लिए पोषण कंद रोपण के समय ही मिल सके और वह समय पर पौधे बनकर फूलों का उत्पादन कर सकें। रजनीगंधा खेती के लिए लगाए गए क्षेत्रफल में कंदों में सही समय पर सिंचाई करना भी बेहद ही आवश्यक होता है।

रजनीगंधा खेती के लिए कब करनी होगी सिंचाई

रजनीगंधा खेती के लिए यदि आप 1 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 1200 से 1500 किलो ग्राम कंदों का रोपण करते है, तो इसके तुरंत बाद ही खेतों में सिंचाई करनी आवश्यक होती है। क्योंकि गर्मी के मौसम में उगने वाले इन पौधों को समय समय पर नमी की आवश्यकता होती है, जिसे गर्मियों के मौसम अप्रैल से जून के महीने में हर आवश्यकता अनुसार सात से आठ दिन के अंतराल में खेतों में सिंचाई की जा सकती है और सर्दियों के मौसम में 10 से 12 दिनों में एक बार सिंचाई के साथ ही गुड़ाई और निराई भी समय समय पर करनी आवश्यक होती है।

रजनीगंधा खेती से होगा करोड़ों का मुनाफा

इस खेती के शुरू होने के चार से पाँच महीने के बाद पौधों में फूल लगने शुरू हो जाते हैं, इन फूलों का बाजार में अच्छा व्यावसाय किया जाता है, जिसमे फूलों की स्पाइन की लम्बाई अधिक होने से बाजारों में गुलदस्ते व फूलों की माला के लिए और शादियों व पार्टियों में भी सजावट के लिए इन फूलों की डिमांड अधिक होने से इसके बड़े पैमाने पर आर्डर लिए जाते हैं, इसके साथ ही बड़ी परफ्यूम इंडस्ट्रीज में भी इन फूलों की खुशबू से इत्र बनाने का कार्य किया जाता है, जिससे इनकी डिमांड कंपनियों में भी अधिक होने से आप रजनीगंधा की खेती करने पर लाखों रुपयों की कमाई कर सकेंगे।

यह भी पढ़ें:-

Leave a Comment