PF Account Rule: अब बदल जाएगा PF अकाउंट से जुड़ा ये नियम, इन कर्मचारियों को देना पड़ेगा टैक्स!

PF Account Rule: देश के जो भी नागरिक जॉब कर रहे है और जिनका पीएफ कटता है तो आपके लिए यह खबर बहुत ही काम की साबित हो सकती है। जी हां केंद्र सरकार द्वारा प्रोविडेंट फण्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। बता दें, कि अभी तक पीएफ कंट्रीब्यूशन या उससे मिलने वाले इंट्रस्ट पर किसी तरह का ब्याज नहीं लगता था लेकिन आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि अब 2.5 लाख रुपये से ऊपर कंट्रीब्यूशन पर मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगेगा क्यूंकि अब ये टैक्स के दायरे में आ गया है। चलिए जानते है PF Account Rule जुडी अन्य जानकारियों को।

1 अप्रैल से लागू होंगे नियम, वित्त मंत्री ने की घोषणा

सरकार द्वारा बनाये गए नए PF Account Rule नियमों को 1 अप्रैल यानी आज से लागू कर दिया जायेगा। बजट 2021 के समय निर्मला सीतारमण (वित्त मंत्री) जी ने इस बारे में ऐलान किया था। उनके द्वारा यह कहा गया कि 2.5 लाख पीएफ कंट्रीब्यूशन पर मिलने वाले ब्याज दर पर टैक्स लगाया जायेगा। जिन लोगों की इनकम ज्यादा है और जो प्रोविडेंट फण्ड में कंट्रीब्यूट करते है उन सभी लोगों पर इसका असर देखने को मिल सकता है। लेकिन सरकार ने साथ-साथ ये भी कहा कि इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा केवल 1% लोगों पर इसका असर पढ़ सकता है। इस बार को लेकर काफी विरोध भी किया गया। बता दें, EPF पर लगने वाले टैक्स के नए नियम की जानकारी CBDT ने पिछले साल 31 अगस्त को एक सर्कुलर जारी करके दी।

जानिए EPF टैक्स की नयी गणित

फाइनेंस एक्ट 2021 में यह नया प्रोविशन जोड़ा गया कि यदि कोई भी कर्मचारी अपने PF खाते में 2.5 रुपये से अधिक जमा करता है तो उसके अधिक रुपये पर मिलने वाले ब्याज में टैक्स लगाया जायेगा। चलिए समझते है कैसे?

मान लीजिये, अगर आप 3 लाख रुपये का इन्वेस्ट करते है। तो आपके 50 हजार रुपये अधिक कंट्रीब्यूट करने पर इससे मिलने वाले ब्याज पर टैक्स लगाया जायेगा यदि जिनके पीएफ में एम्प्लायर का कंट्रीब्यूशन नहीं है उस स्थिति में लिमिट 2.5 लाख रुपये से बढाकर 5 लाख रुपये हो जाएगी। जिसके बाद केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी इस स्थिति में यही लिमिट तय रहेगी।

बनेंगे दो तरह के अकाउंट

सरकार द्वारा जारी नए नियम के अनुसार अब प्रोविडेंट फण्ड (PF)में दो तरह के अकाउंट बनाये जायेंगे। जिसमे पहला होगा टैक्सेबल अकाउंट और दूसरा नॉन-टैक्सेबल अकाउंट। सेंट्रल बोर्ड ऑफ़ डायरेक्ट टैक्स ने इसके लिए रूल 9डी को नोटिफाई किया है। जिसमे PF पर मिले एक्स्ट्रा ब्याज के टैक्स पर कैलकुलेशन की जाएगी। नागरिकों को रूल 9D से पता चलेगा कि टैक्सेबल इंट्रस्ट कैसे कैलकुलेट होगी, दो अकाउंट किस तरह मैनेज किये जा सकते है और कम्पनीज को क्या करना है।

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