दिल्ली सरकार का ऐलान- अब कहीं से भी खरीद सकेंगे अभिभावक किताबें और यूनिफॉर्म

Delhi Private School: दिल्ली सरकार ने सभी प्राइवेट स्कूलों से जुड़े मसले पर एक बड़ा एलान किया है। इस एलान के जरिये सभी प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को राहत भरी खबर दी है। बता दें की अब से दिल्ली के प्राइवेट स्कूल बच्चों के अभिभावकों को अपनी दूकान से किताबें और स्कूल यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। अब से सभी पेरेंट्स अपने सुविधा के अनुसार दुकानों से बच्चों के लिए बुक्स और स्कूल यूनिफॉर्म्स ले सकेंगे। ये जानकारी दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा ट्वीट करके दी गयी। उन्होंने ये भी बताया की हर स्कूल (Delhi Private School) को किताबें और ड्रेस खरीदने के लिए आसपास की कम से कम 5 दुकानों की सूची जारी करनी होगी। जिस से अभिभावक अपने अनुसार ये सब खरीद सकें।

Delhi Private School के लिए नए निर्देश

दिल्ली सरकार द्वारा सभी निजी विद्यालयों को ये दिशा निर्देश दिए हैं कि यदि वो अभिभावकों को किसी विशेष दूकान से ड्रेस और किताबें खरीदने को बाढ़ करते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। यही नहीं स्कूल के साथ साथ उन विक्रेताओं पर भी कार्यवाही होगी। इस के अतिरिक्त स्कूल की ड्रेस का रंग या उसका डिज़ाइन या फिर अन्य ऐसे ख़ास बदलाव कम से कम 3 साल से पहले नहीं कर सकते।

देना होगा 5 दुकानों का नाम

सभी को सूचित कर दें की अब से स्कूलों को सभी अभिभावकों की सुविधा के लिए 5 दुकानों का नाम , पता और फ़ोन नंबर आदि आवश्यक जानकारी को जारी करना होगा। इन अभी दुकानों में स्कूल की ड्रेस और किताबें उपलब्ध हो सकेंगी।

इस क इस के अतिरिक्त स्कूलों को अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अगले सत्र के लिए आवश्यक किताबें व अन्य शिक्षा संबंधी सामग्री सूची डालनी होगी। ये सूची प्रत्येक कक्षा के आधार पर डाली जाएगी जिससे अभिभावकों को पूरी सूचना मिल सके। आधिकारिक वेबसाइट के साथ अन्य किसी संबंधित माध्यम से भी उन्हें सूचित किया जा सकता है।

अभिभावकों को मिलेगी राहत

दिल्ली सरकार के इस फैसले से निजी स्कूलों में अपने बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों को काफी राहत मिलेगी। इस फैसले को लेकर सर्कार ने बताया की पिछले दो सालों से कोविड के चलते बहुत से लोगों की आय बाधित हुई है। साथ ही उनके हालात बहुत ज्यादा नहीं सुधरे हैं। ऐसे में उनके लिए महंगी ड्रेस और किताबें खरीदना उनके लिए मुश्किल है। इस फैसले उन अभी लोगों को राहत मिलेगी।

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