सरकार Old Tax Slab व्यवस्था को कर सकती है खत्म, टैक्सपेयर्स की जेब पर सीधा असर

Old Tax Slab: जहाँ एक ओर देश की जनता महंगाई से जूझ रही है वहीँ दूसरी ओर सरकार द्वारा Old Tax Slab व्यवस्था को खत्म करने की बात की जा रही है। बता दें की पुरानी टैक्स व्यवस्था को खत्म करने से सीधा असर टैक्स पेयर्स की जेब पर होगा। क्यूंकि पुरानी टैक्स स्लैब व्यवस्था में कुल 70 प्रकार की छूट मिलती थी जो इस व्यवस्था को खत्म करने के साथ ही खत्म हो जाएगी। इस बारे में रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज का कहना है की ऐसा करना इस लिए जरुरी है क्यूंकी इससे करदाता नई व्यवस्था को अपनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

सरकार Old Tax Slab व्यवस्था को कर सकती है खत्म, टैक्सपेयर्स की जेब पर सीधा असर
Old Tax Slab

टैक्सपेयर्स की जेब पर होगा सीधा असर

नई टैक्स व्यवस्था की शुरुआत 2020 से की गयी थी। इस व्यवस्था में टैक्स दर तो कम है लेकिन जैसे की अभी लेख में आप ने जाना की पुरानी टैक्स व्यवस्था (Old Tax Slab ) में 70 प्रकार की छूट मिलती थी , वो अब नहीं मिलेगी। और डिडक्शन की सुविधा न मिलने की वजह से ही अब तक करदाता नई कर व्यवस्था को अपना नहीं पाए हैं। और अभी भी पुरानी कर व्यवस्था के साथ ही अपना टैक्स भरते हैं। यही वजह है की रेवेन्यू सेक्रेटरी तरुण बजाज का मन्ना है की पुराणी व्यवस्था को खत्म कर देना चाहिए। जिससे पुरानी व्यवस्था के प्रति लोगों का आकर्षण खत्म हो और वो नई व्यवस्था को अपनाने के लिए तैयार हों।

कोई टैक्स नहीं 5 लाख तक की अमाउंट पर

जानकारी के लिए बता दें की सरकार द्वारा 2020 -2021 के बजट में taxpayers के लिए नई कर व्यवस्था की शुरुआत की थी। सरकार का मानना था की ये व्यवस्था काफी आसान है और Individual Taxpayers के लिए इसमें Tax Rate कम होगा। नई कर व्यवस्था में 5 से 7.5 लाख रुपये सालाना इनकम वाले करदाताओं को 10 फ़ीसदी टैक्स देना होता है। वहीँ पुरानी व्यवस्था में इस रकम पर 20 फीसदी टैक्स देना पड़ता है। हालांकि, बताते चलें कि नई या पुरानी व्यवस्था में सेक्शन 87ए के तहत मिलने वाली रिबेट के चलते सालाना 5 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं देना होगा।

8.5 लाख की इनकम पर टैक्स नहीं

रेवेन्यू सेक्रेटरी ने बताया की सरकार ने Personal Income Tax में कमी लाने के उद्देश्य से नई व्यवस्था शुरू की थी लेकिन इस तरफ कम लोगों ने ही रूचि दिखाई। इसके पीछे वजह बताई की व्यक्ति यदि 50 रूपए भी बचा रहे हैं तो वो उसी व्यवस्था को ही अपनाएंगे। बताते चलें की देश में 80सी और स्टैंडर्ड डिडक्शन का उपयोग करने वाले 8-8.5 लाख सालाना इनकम वाले लोगों को कोई टैक्स नहीं चुकाना होता है।

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