परमाणु युद्ध: अगर परमाणु युद्ध हुआ तो क्या होगा? किसके पास है सबसे ज्यादा न्यूक्लियर हथियार

परमाणु युद्ध: वर्तमान में यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे तनाव के बीच रह रह कर दुनिया में परमाणु युद्ध को लेकर चर्चा तेज हो गयी है। दुनिया भर में इस बात की आशंका है की यदि हालात जल्द से जल्द नहीं सुधरते तो ऐसे में दुनिया परमाणु युद्ध की ओर भी अग्रसर हो सकता है। परमाणु युद्ध होने की स्थिति में पूरे विश्व को इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इन्ही सब बातों को ध्यान में रखते हुए और विश्व में शान्ति बनी रहे इसके लिए बहुत से संगठनों का निर्माण किया गया है। जो की अंतराष्ट्रीय स्तर पर शान्ति बनाई रखी जा सके।

परमाणु युद्ध की संभावना क्यों जताई जा रही है

परमाणु युद्ध की आशंका जताने के पीछे वर्तमान में चल रहे हालात हैं। जैसे की हम देख रहे हैं की यूक्रेन और रूस के बीच चल रहे आपसी हमलों के बीच देश भर में प्रभाव पड़ रहा है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति द्वारा दिए गए बयान के अनुसार जल्द ही परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर इशारा मिल रहा है। आप की जानकारी के लिए बताते चलें की रूस के राष्ट्रपति ने यूक्रेन से चल रही लड़ाई के बीच अपनी न्यूक्लियर डेटरेंट फोर्स को अलर्ट पर रहने को कहा है। जिसका मतलब है की रूस द्वारा अपने न्युक्लिअर वेपन को अलर्ट मोड में रखा है जिससे उनका कभी भी आवश्यकता पडने पर इस्तेमाल कर सकें। साथ ही रूस के प्रेजिडेंट पुतिन ने दो टूक शब्दों में कहा है की यदि किसी भी देश ने उसे रोका या फिर अपनी सेना यूक्रेन की मदद के लिए भेजी तो वो किसी भी हद तक जाकर उनका सामना करेंगे। जिसका सीधा अर्थ न्युक्लिअर वेपन के इस्तेमाल से जोड़कर देखा जा रहा है।

अगर परमाणु युद्ध हुआ तो क्या होगा?

यदि किसी भी वजह से परमाणु हथियारों का इस्तेमाल किया जाता है तो जितना आम इंसान सोच भी नहीं सकते उससे ज्यादा नुकसान हो जाएगा। सालों पहले जब अमेरिका ने युद्ध में जापान के ऊपर 2 एटम बम गिराया था तब नागासाकी और हिरोशिमा में बहुत नुकसान हुआ था। इस ब्लास्ट में  हिरोशिमा में 80,000 और नागासाकी में 70,000 से ज़्यादा लोगों की मौत हुई थी। ब्लास्ट के दौरान तो नुकसान हुआ ही था लेकिन उस के असर से कई सालों तक भी वहाँ के आम नागरिक इसके प्रभावों को झेलते रहे थे।

यदि बात करें वर्तमान में परमाणु युद्ध की तो आज नुक्लिअर बम हैं , जबकि पहले 15 किलो के एटम बम थे। वही आज के परमाणु बम 100 किलो तक के भी हो सकते हैं। और ये भी एक या दो की संख्या में नहीं बल्कि 500 तक की संख्या में हुए तो अब आप अंदाज़ा लगा सकते हैं की इनका इस्तेमाल होने से किस हद तक नुकसान हो सकता है।

  • जब भी कोई न्यूक्लियर बम फटता है, तो 10 लाख डिग्री सेल्सियस से भी ज्यादा की हीट जेनरेट होती है, जो कई किलोमीटर में आने वाली चीजों को राख कर देने में सक्षम होती हैं।
  • परमाणु बम गिरने से भले ही 10 सेकंड का समय लगता हो लेकिन उससे होने वाली तबाही बहुत भयंकर होती है। इसका असर सालों तक रहता है।
  • धमाके के दौरान बहुत प्रेशर क्रिएट होता है जिसके परिणामस्वरूप कई इमारते सेकंडों में ध्वस्त हो जाती हैं।
  • जापान में ब्लास्ट के बाद बहुत सालों बाद तक लोग ल्यूकैमिया, कैंसर और फेफड़ों से जुड़ी खतरनाक बीमारियों से जूझ रहे थे. इतना ही नहीं, सैकड़ों-हजारों लोगों की की आंखों की रोशनी चली गई थी।
  • परमाणु युद्ध से दुनिया भर में भुखमरी फ़ैल जाएगी। कम से कम 2 अरब लोग भुखमरी का शिकार होंगे।
  • यदि परमाणु युद्ध हुआ तो इससे धरती का पूरा सिस्टम का बैलेंस बिगड़ जाएगा।
  • पृथ्वी का तापमान तेजी से कम होने लगेगा। ऐसा इसलिए क्यूंकि इन हमलों से निकलने वाला धुंआ पूरी धरती की सतह पर जम जाएगा। जिससे पृथ्वी की 10 प्रतिशत जगहों पर सूरज की रौशनी नहीं पहुंचेगी।
  • यही नहीं बारिश में भी 45 % तक की कमी आएगी। वहीँ ज्यादातर क्षेत्रों में बारिश नहीं होगी।
  • धरती का औसत तापमान -7 से -8 डिग्री तक पहुंच जाएगा। इस हिसाब से दुनिया पूरे 18 हजार साल पीछे ( हिम युग के समय ) चली जाएगी।

किसके पास है सबसे ज्यादा न्यूक्लियर हथियार ?

वर्तमान में दुनिया के कुल 9 देशों के पास परमाणु हथियार हैं। जिनमे से रूस , अमेरिका , ब्रिटेन , चीन , फ्रांस , भारत पकिस्तान इजराइल और उत्तर कोरिया जैसे देशों का नाम है। बात करें इन देशों के पास परमाणु हथियारों की तो कोई भी देश अपने यहाँ के परमाणु हथियारों की संख्या के बारे में साफ़ साफ़ जानकारी नहीं देता। हालाँकि आप को बता दें की इस समय रूस के पास सबसे ज्यादा परमाणु हथियार हैं। स्वीडन स्थित संस्था थिंक टैक ‘सिप्री “- स्टॉकहोम इंटरनैशनल पीस रिसर्च इंस्टिट्यूट’ की एक रिपोर्ट के अनुसार परमाणु शक्ति संपन्न देशों की सेना के पास 9,000 से ज़्यादा परमाणु हथियार हैं। 2020 के आरंभ में इन नौ देशों के पास लगभग 13,400 परमाणु हथियार थे जिनमें से 3,720 उनकी सेनाओं के पास तैनात किये गए थे।

आप की जानकारी के लिए बता दें सिप्री के अनुसार इनमें से लगभग 1800 हथियार हाई अलर्ट पर रहते हैं जिन्हे कम समय के भीतर दाग़ा जा सकता है। इन सभी हथियारों की संख्या सबसे अधिक रूस और अमेरिका के पास हैं। रिपोर्ट की मानें तो वर्ष 2020 में रूस 6,375 परमाणु हथियार थे। वहीँ अमेरिका के पास 5800 हथियार थे।

बात करें की भारत के पास 2021 तक भारत के पास जहाँ 160 परमाणु हथियार थे, वहीँ पाकिस्तान के पास 165 वहीँ चीन के पास 350 हथियार हैं।

LPG Price Today: खुशखबरी! एलपीजी सिलेंडर हुआ सस्ता! जानिए लेटेस्ट रेट्स

Leave a Comment