केंद्रीय विद्यालय MP कोटा खत्म होगा या जारी रहेगा, कैसे कर सकते हैं आवेदन MP Quota में, जानें

केंद्रीय विद्यालय MP कोटा खत्म होगा या जारी रहेगा– केंद्रीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए मिलने वाला कोटा अब उनके लिए मुसीबत बन गया है। लोकसभा में बीते दिनों इस संबंध में कई सदस्यों ने केंद्रीय विद्यालयों में दाखिले के मामले में प्रत्येक सांसद को दिए गए 10 सीटों के कोटे का मुद्दा उठाया है। इस मामले में कुछ सांसदों में मांग उठायी है की कोटे की संख्या में वृद्धि की जाएँ। नहीं तो इसे पूर्ण रूप से समाप्त किया जाये, निर्वाचन क्षेत्र में स्थित केंद्रीय विद्यालय में प्रवेश के लिए प्रत्येक सांसद को 10 सीटों का कोटा मिलता है। इसके आधार पर क्षेत्र के किसी भी विद्यार्थी को उनकी सिफारिश पर इन विद्यालयों में दाखिला लेने का लाभ मिलता है।

केंद्रीय विद्यालय MP कोटा खत्म होगा या जारी रहेगा

KVS एमपी कोटा खत्म करने या फिर जारी रखने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इस मुद्दे के बारे में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा है की इस मामले को लेकर सभी दलों के नेताओं से मंत्री बातचीत करेंगे। जिसके पश्चात ही कोई निर्णय लिया जायेगा। इस विषय को लेकर कांग्रेस के मनीष तिवारी,के सुरेश, तृणमूल कांग्रेस की महुआ मोइत्रा एवं कुछ अन्य सदस्यों ने निचले सदन में प्रश्नकाल के दौरान यह मुद्दा उठाया है। केंद्रीय विद्यालय एमपी कोटा खत्म या जारी रखने के लिए जल्द ही कोई निर्णय लिया जायेगा।

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान केंद्रीय विद्यालय MP कोटा

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी के द्वारा इस संबंध में यह जानकारी दी गयी है की इस मामले जनप्रतिनिधियों पर दबाव है। लेकिन फिर भी यह कोई अधिकार का विषय नहीं है। केंद्रीय विद्यालय एमपी कोटा को लेकर उनके द्वारा यहाँ कहा गया गया है की पहले यहाँ कोटा 2 सीट का था जो बाद में 5 किया गया और अब इसकी संख्या 10 कर दी गयी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है की शिक्षा मूल रूप से राज्यों का विषय है। केंद्रीय क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों की दृष्टि से शुरुआत में केंद्रीय विद्यालय खोलने की बात आयी है क्युकी उन कर्मचारियों का ट्रांसफर होता रहता है।

केंद्रीय विद्यालय एवं जवाहर नवोदय विद्यालय को लेकर प्रधान में कहा है की धीरे-धीरे इनका विस्तार हुआ है और पिछले 50-60 साल में इन विद्यालयों ने अपनी एक अलग प्रतिष्ठा हासिल की है। जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों तथा शहरी क्षेत्रों में टियर -2 टियर -3 में अच्छा काम किया जा रहा है। इसलिए इन विद्यालयों का दोनों क्षेत्रों में आकर्षण भी है।

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