Karwa Chauth : जानें कब है करवा चौथ, क्या है पूजा विधि

Karwa Chauth : हमारे देश में व्रत और त्योहारों का बहुत मान्यता हैं। यहाँ लगभग पूरे साल ही कोई न कोई व्रत त्यौहार चलता ही रहता है। इसी तरह इस माह यानी अक्टूबर में सुहागन महिलाओं द्वारा लिए जाना वाला करवा चौथ (Karwa Chauth) का व्रत पड़ता है। इस व्रत में महिलाये दिनभर निर्जल और निराहार रहकर अपने पति की लम्बी आयु की ईश्वर से कामना करती हैं। उसके बाद शाम को पूजा के पश्चात चाँद को देखती हैं और फिर अपने पति का चेहरा चलनी से देखकर पति के हाथों जल ग्रहण करती हैं। इस उपवास को कठिन व्रतों में से एक कहा जाता है। ये हिन्दू कैलेंडर के अनुसार कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को आता है।

करवा चौथ कब है

करवा चौथ Karwa chauth इस बार ………को है। इस साल इस दिन पर हिंदी पंचांग के अनुसार करवा चौथ व्रत कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि पड़ी है।

कुछ ख़ास है इस बार का करवा चौथ

इस बार का करवा चौथ कुछ ख़ास है क्यूंकि इस बार व्रत के दिन बन रहा है बहुत ही शुभ योग। इस बार 5 वर्षों के बाद चौथ रविवार के दिन पड़ रही है। रविवार का दिन यानी सूर्य देव का दिन जोकि आरोग्य और दीर्घायु प्रदान करने वाले देव हैं। इसलिए इस बार व्रत रखने वाली महिलाओं को शुभ मुहूर्त में सूर्य देव का पूजन कर उनसे भी आशीर्वाद प्राप्त होगा। इसके बाद पूरे दिन व्रत रखकर महिलाएं शाम को रोहिणी नक्षत्र में पूजन कर चंद्र देव के दर्शन कर व्रत का पारण कर सकेंगी।

ये है करवा चौथ का शुभ मुहूर्त

इस बार करवा चौथ का शुभ मुहूर्त (Karwa Chauth shubh muhurat 2021) 24 अक्टूबर को रविवार के दिन सुबह 1 बजकर 3 मिनट तक हो रहा है। चतुर्थी तिथि में चन्द्रोदयव्यापिनी मुहूर्त 24 अक्टूबर को प्राप्त होने से रविवार को ही करवा चौथ का व्रत रखा जाएगा। अगले दिन 25 अक्टूबर यानी सोमवार को प्रात: 05 बजकर 43 मिनट पर चतुर्थी तिथि का समापन हो जाएगा।

करवा चौथ पूजा का मुहूर्त

इस बार करवा चौथ (Karwa Chauth) में पूजा का मुहूर्त कुल 1 घंटे और 17 मिनट का होगा। इस मुहूर्त की शुरुआत शाम 06:55 से लेकर 08:51 के बीच है। इस बीच महिलाएं अपनी पूजा कर सकती हैं। चांद निकलने का समय 8 बजकर 11 मिनट पर है। जिसके बाद महिलाएं चंद्र दर्शन कर अर्घ्य दें। चंद्र अर्घ्य का समय रात 08 बजकर 07 मिनट से शुरू है। महिलाएं पूजन विधि पूर्ण कर पति के हाथों जल ग्रहण कर सकती हैं।

ये है करवा चौथ पूजा विधि

सबसे पहले आप को सुबह उठकर स्न्नान करना है , इसके बाद सरगी के रूप में मिला भोजन करें। फिर श्री गणेश की पूजा करने के बाद निराहार निर्जला व्रत करने का संकल्प करें। इसके बाद आप के व्रत की शुरुआत हो जाती है। शाम को आप स्नान करने के बाद तैयार हो जाएँ और पूजा की सभी तैयार कर लें। आप को मिटटी की वेदी बना उसमे सभी देवताओं की स्थापना करके वहाँ ‘करवा’ को रखें। साथ ही पूजा की थाली भी तैयार करें जिसमें धुप, दीप, रोली, सिन्दूर, चन्दन, फूल व अन्य सभी पूजा की सामग्री रखें। इसके बाद घी का दीपक जलाएं। शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करें और फिर चन्द्रदर्शन करके उन्हें अर्घ्य दें। इसके पश्चात आप अपने पति की दीर्घायु की कामना करते हुए पूजा को पूर्ण करें। फिर आप पति के हाथों जल ग्रहण करके अपना व्रत खोल सकती हैं।

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