Indian Railways Rule: अब रेल में सामान चोरी होने पर मिलेगा मुआवजा, जानिए क्या करना होगा

Indian Railways Rule: ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे के द्वारा विशेष नियम लागू किये गए है। इन नियमों की जानकारी यात्रा करते समय सभी पैसेंजर को होनी अनिवार्य है। ट्रेन में सफर करने वाले अधिकतर लोग यात्रा से संबंधी नियमों के बारे में नहीं जानते है। तो आइये जानते है की इंडियन रेलवे द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के लिए कौन से नियम लागू किये गए है। यात्रा के दौरान यदि किसी पैसेंजर का सामान चोरी हो जाता है तो इसके लिए भारतीय रेल विभाग द्वारा यात्रियों के लिए एक सुरक्षा पूर्वक नियम लागू किया गया है। ट्रेवल के समय में यदि यात्री का सामान चोरी हो जाता है तो इसके लिए मुआवजा हेतु क्लेम की सुविधा उपलब्ध की गयी है।

अब रेल में सामान चोरी होने पर मिलेगा मुआवजा

रेलवे विभाग के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा यात्रा हेतु कई प्रकार के नियम लागू किये गए है। इन नियमों से एक नियम यह है की यदि यात्री का सामान का ट्रेवल करते समय कही चोरी हो जाता है तो उस स्थिति में वह मुआवजा हेतु क्लेम कर सकते है। यात्रा के दौरान चोरी हुए सामान के लिए पैसेंजर को RPF थाने में जाकर इसके लिए रिपोर्ट दर्ज करनी होगी। इसके साथ ही पैसेंजर को उस दौरान यह सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाती है की यदि यात्री का सामान 6 महीने की अवधि तक नहीं मिलता है तो इसके लिए उपभोक्ता फॉर्म में शिकायत दर्ज की जा सकती है। रेलवे द्वारा यात्री के सामान का मूल्यांकन करके सामान के लिए मुआवजा भी दिया जाता है। यह चोरी किये गए सामान की भरपाई करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

Indian Railways Rule

भारतीय रेल विभाग के द्वारा यात्रियों की सुरक्षा के लिए अन्य प्रकार के भी कई नियम लागू किये गए है सभी नियम इस प्रकार निम्नवत है।

  • इंडियन रेलवे के अनुसार यदि 18 वर्ष की आयु से नीचे का बच्चा बिना टिकट के ट्रेवल करते है तो इस स्थिति में टिकट चेकिंग स्टाफ उस बच्चे से पैनल्टी वसूल नहीं करेगा। वह केवल नाबालिग पैसेंजर से किराया वसूल कर सकते है। इसके साथ ही इस नियम में यह भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है की यदि बच्चे के खिलाफ शिकायत दर्ज करनी है तो इसके लिए पहले रिपोर्ट को तैयार करना होगा रिपोर्ट तैयार करने के बाद ही शिकायत दर्ज की जाएगी।
  • यात्रा के समय यदि कोई पैसेंजर छेड़छाड़ करता हुआ पकड़ा जाता है ,तो ऐसी स्थिति में उस व्यक्ति पर 137 के तहत रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। इसमें 1 हजार रूपए जुर्माने के साथ 6 महीने की सजा दोनों हो सकते है।
  • ट्रेवल करते समय यदि किसी पैसेंजर के पास टिकट नहीं है तो अनुच्छेद 138 के तहत व्यक्ति पर कार्यवाही हो सकती है। इस धारा के अनुसार तय की गयी दूरी का साधारण किराया और 250 रूपए पैनल्टी वसूल किया जायेगा। इसके साथ ही यदि आपके पास नीचे क्लास का टिकट मौजूद है तो ऐसी स्थिति में किराए का अंतर् भी वसूल किया जायेगा।
  • वोटिंग टिकट पर पैसेंजर आरक्षित कोच में यात्रा नहीं कर सकते है।

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