Bank overdraft facility: खाते में बैलेंस नहीं होने पर भी मिल जाएगी रकम, जानें कैसे?

Bank overdraft facility in hindi | बैंक ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी: अगर आपको कभी इमरजेंसी में पैसे की जरुरत पढ़ जाएं और खाते में आपने सेविंग्स नहीं की हो तो ऐसी स्थिति में आप क्या करेंगे, शायद ऐसी स्थिति में आप अपने रिश्तेदारों से उधार मांगेंगे या अपने दोस्तों से पैसे उधार लेंगे लेकिन कई बार अगर आपके रिश्तेदार या दोस्त आपको पैसे देने से मना कर दें तो फिर आप क्या करेंगे। चलिए तो आज हम आपको बैंक की ऐसी सुविधा के बारे में बताने जा रहे है जिसकी जानकारी देश के कुछ ही लोगों को पता होगा और अगर इस फैसिलिटी के बारे में लोग जानते भी होंगे तो वह यह नहीं होंगे कि इसका इस्तेमाल कैसे किया जाये। जी हां, हम बात कर रहे है बैंक ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी (Bank overdraft facility).

बैंक ओवर ड्राफ्ट फैसिलिटी (Bank overdraft facility) एक ऐसी फैसिलिटी है जो सरकारी और प्राइवेट बैंक दोनों ही उपलब्ध करवाते है। बैंक ओवरड्राफ्ट के जरिये आप खाते में बैलेंस ना होने पर भी बैंक द्वारा राशी प्राप्त कर सकते है। इसके जरिये आप अपने बुरे वक़्त में आसानी से पैसे ले सकते है और आपको किसी के आगे हाथ भी नहीं फैलाना पड़ेगा।

जानिए क्या है बैंक ओवरड्राफ्ट | Bank overdraft facility

बैंक ओवरड्राफ्ट (Bank overdraft facility)एक तरह की वित्तीय सुविधा है। इसके माध्यम से आप तब भी पैसे निकाल पाएंगे जब आपके पास खाते में जीरो बैलेंस होगा। सरकारी बैंक हो या प्राइवेट बैंक हर एक नागरिक के लिए ओवरड्राफ्ट की सीमा (लिमिट) तय की जाती है। कस्टमर एक निर्धारित की गयी सीमा राशि ही ओवरड्राफ्ट के माध्यम से निकाल सकता है। बैंक द्वारा इन पैसे पर इंट्रेस्ट लिया जाता है जो ओवरड्राफ्ट के रूप में ग्राहक द्वारा निकाले गए होते है। ग्राहक को जन धन योजना के अंतर्गत खाते में जीरो बैलेंस होने पर 10 हजार की ओवरड्राफ्ट सुविधा प्रदान की जाती है।

Bank overdraft facility: ऐसे लें बैंक से ओवरड्राफ्ट

अगर आप ओवरड्राफ्ट के जरिये पैसे लेना चाहते है तो इसके लिए आपको बैंक में ओवरड्राफ्ट (Bank overdraft facility)हेतु आवेदन करना होगा। इसका आवेदन भी आप उसी तरीके से कर सकते है जैसे आप किसी अन्य लोन लेने के लिए अप्लाई करते है। चालू खाता या बचत खाते वालें ग्राहक ओवरड्राफ्ट की सुविधा आसानी से पा सकते है। ओवरड्राफ्ट के जरिये पैसे लेने पर आपको यह रकम समय पर चुकानी होगी और साथ-साथ ब्याज का भुगतान समय पर करना होगा।

ये है ओवरड्राफ्ट पर ब्याज दर (इंट्रेस्ट रेट)

ओवरड्राफ्ट पर ब्याज दर प्राइवेट व सरकारी बैंकों पर अलग-अलग तय होती है। यह इमरजेंसी लोन, भुगतान अवधि, सम्बंधित बैंक या फाइनेंसियल इंस्टीटूशन के साथ आपके अच्छे संबंधो पर डिपेंड करती है। अगर आपके रिलेशन बैंक से अच्छे होंगे तो बड़े आसानी से आपको पैसे मिल जाते है। बैंक द्वारा यह सुविधा सभी ग्राहकों के लिए बनायीं गयी है। बैंक ओवरड्राफ्ट और लोन में काफी अंतर होता है। इनमे सबसे बड़ा डिफरेंस यही है कि यदि कोई ग्राहक ओवरड्राफ्ट के जरिये राशि प्राप्त करता है तो उसे ओवरड्राफ्ट (Bank overdraft) में ब्याज दर का भुगतान उसी राशि पर देना होता है जितनी राशि वह उपयोग करेगा और अगर आप बैंक लोन लेते है तो इसमें आपको इंट्रेस्ट पूरी राशि पर देना होता है।

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