कोरोना की तीसरी लहर में मोदी सरकार दे रही 5000 रुपये? जानें क्या है सच्चाई

कोरोना में सरकार दे रही 5000 रुपये : देश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच सरकार देश की सुरक्षा और बदहाली से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। सरकार इस के लिए विभिन्न योजनाएं और सुविधाएं आम जनमानस तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। इसकी सूचना भी समय समय पर सभी लोगों तक पहुचायी जाती रही है। देश के गरीबों के लिए मुफ्त में राशन से लेकर आयुष्मान योजना के माध्यम से मुफ्त इलाज तक की सुविधा प्रदान की जा रही है। जिससे कोरोना की लहरों से देश के नागरिक सुरक्षित रह सकें।

कोरोना की तीसरी लहर में मोदी सरकार दे रही 5000 रुपये? जानें क्या है सच्चाई

देश में एक बार फिर से कोरोना की तीसरी लहर का खतरा मंडराने लगा है। जिसके चलते सोशल मीडिया (Social Media) में संबंधित सूचनाएं और स्कीम फिर से सर्कुलेट होने लग गए हैं। इन्ही के साथ एक और मैसेज वायरल हो रहा है। जिसमे दावा किया जा रहा है की कोरोना की तीसरी लहर के चलते भारत सरकार के कोरोना फण्ड से 5000 रूपए की धनराशि दी जा रही है। आइये जानते हैं संबंधित दावे के बारे में –

कोरोना की तीसरी लहर में मोदी सरकार दे रही 5000 रुपये? जानें क्या है सच्चाई

कोरोना की तीसरी लहर में मोदी सरकार दे रही 5000 रुपये?

सोशल मीडिया में हाल ही में एक मैसेज वायरल हो रहा था जिस में इस बात का दावा किया जा रहा है की भारत सरकार ( Central Government ) के स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोना फण्ड के तहत 5000 रूपए की धनराशि प्रदान की जाएगी। इसमें आगे लिखा है कि अगर आप भी 5000 रूपए पाना चाहते हों तो जल्दी से अभी फॉर्म भर दें। बताते चलें की इस के साथ ही एक लिंक भी दिया गया है जिस पर क्लिक करके फॉर्म भरने को कहा गया है।

जानें क्या है सच्चाई

आप की जानकारी के लिए बता दें कि कोरोना में सरकार दे रही 5000 रुपये से संबंधित दावा बिलकुल गलत है। पीआईबी द्वारा किये गए फैक्ट चेक में पाया गया की ये दावा बिलकुल फ़र्ज़ी है। पीआईबी ने अपने आध‍िकार‍िक ट्विटर अकाउंट के माध्यम से से ट्वीट करके इस बारे में जानकारी दी है। पीआईबी ने साथ ही कहा की “ऐसे फ़र्ज़ी संदेशों को फॉरवर्ड न करें और इस तरह की संदिग्ध वेबसाइट पर अपनी किसी भी तरह की निजी जानकारी साझा न करें।”

ऐसे कर सकते हैं फैक्ट चेक

यदि कभी आप का भी सामना ऐसे किसी मैसेज या खबर से होता है तो आप भी उस से संबंधित सच्चाई का पता लगा सकते हैं। इस के लिए आप को पीआईबी की आधिकारिक वेबसाइट https://factcheck.pib.gov.in पर जाना होगा और संबंधित मैसेज या विडिओ का लिंक भेज सकते हैं। इस के अलावा आप को और भी सुविधा दी गयी है। आप वॉट्सऐप नंबर +918799711259 या ईमेलः [email protected] पर भी विडिओ भेज सकते हैं और इस संबंध में पता कर सकते हैं।

Leave a Comment