Gehu Kharid Kisan Panjikaran – गेहूं खरीद हेतु किसान ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

Gehu Kharid Kisan Panjikaran– न्यूनतम समर्थन मूल्य में गेहूं की खरीद हेतु किसान नागरिक ऑनलाइन माध्यम से अपना रजिस्ट्रेशन कर सकते है। देश भर में इस समय रबी की फसल की कटाई का काम शुरू कर दिया गया है। इसी क्रम में राज्य सरकारों ने अपने अपने स्तर पर किसानों से एमएसपी पर फसल पंजीयन और खरीद शुरू कर दिया है। राजस्थान सरकार की तरफ से भी न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद के लिए पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। किसानों की सुविधा हेतु पंजीयन के लिए ऑनलाइन की सुविधा उपलब्ध की गयी है।

राजस्थान सरकार के द्वारा गेहूं की खरीद के लिए पहले ही न्यूनतम समर्थन मूल्य हेतु गेहूं की खरीदी के लिए तिथियों की घोषणा कर दी गयी है। कोटा में 15 मार्च से अन्य शेष जिलों में 1 अप्रैल से 10 जून तक गेहूं की खरीद शुरू की जाएगी। इसके लिए सभी किसानों को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। 15 मार्च 2022 से राज्य में गेहूं खरीद हेतु पंजीयन की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है।

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Gehu Kharid Kisan Panjikaran

उत्तर प्रदेश राज्य के माध्यम से भी गेहूं खरीद हेतु किसानों की पंजीयन की प्रक्रिया 1 अप्रैल 2022 से शुरू की जा चुकी है। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद करने के लिए किसान नागरिक 1 अप्रैल से 15 मई 2022 तक अपना पंजीयन करा सकते है। पंजीकरण के पश्चात न्यूनतम समर्थन मूल्य पर किसान नागरिक सरकार को अपनी फसल बेच सकते है। उत्तर प्रदेश के किसान नागरिक गेहूं खरीद के लिए eproc.up.gov.in की आधिकारिक वेबसाइट के अंतर्गत अपना पंजीकरण ऑनलाइन प्रक्रिया के आधार पर कर सकते है।

गेहूं खरीद हेतु किसान ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

  • Gehu Kharid Kisan Panjikaran करने के लिए किसान नागरिकों को अपने खाद्य एवं रसद विभाग, की आधिकारिक वेबसाइट में विजिट करना होगा।
  • वेबसाइट के होम पेज में गेहूं खरीद हेतु किसान रजिस्ट्रेशन के विकल्प में क्लिक करें।
  • अब नए पेज में पंजीकरण करने हेतु दी गयी सभी महत्वपूर्ण जानकारी को पढ़कर किसान पंजीकरण के लिए इस लिंक पर क्लिक करें के विकल्प में क्लिक करें।
  • अब रजिस्ट्रेशन करने के लिए दी गयी जानकारी को दर्ज करें।
  • इसके बाद सबमिट ऑप्शन में क्लिक करें।
  • मोबाइल में संदेश प्राप्त होने के बाद गेहूं खरीद किसान पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

MSP न्यूनतम समर्थन मूल्य

किसानों से सीधे फसलों की खरीद हेतु सरकार के माध्यम से एक ऐसी व्यवस्था का निर्माण किआ गया है जिसमें इकोसिस्टम बनायीं है। इस व्यवस्था के आधार पर सरकार किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य में फसलों की खरीद करती है। प्रतिवर्ष फसलों की खरीद के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जाता है। MSP निर्धारित होने के बाद सरकार किसानों से इसी मूल्य दर पर फसलों की खरीद करती है। एमएसपी मूल्य के अंतर्गत अपनी फसलों का विक्रय करने के लिए किसान नागरिकों को पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। पंजीकरण के आधार पर ही किसान अपनी फसल को MSP मूल्य दर में बेचने में समर्थ होंगे। प्रत्येक वर्ष एमएसपी मूल्य दर में सरकार के माध्यम से वृद्धि की जाती है ताकि किसानों को अपनी फसल का उचित दाम मिल सके।

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