FASTag क्या है और ये कैसे काम करता है, जानें

अकसर आप लोगों ने यह जरूर नोटिस किया होगा की नेशनल हाईवे पर चल रहे वाहनों से टोल टैक्स लिया जाता है और आपको इसकी वजह से हो रहे जाम से भी गुजरना पड़ता है। केंद्र सरकार द्वारा इस संशय के समाधान के लिए 15 फरवरी 2021 की आधी रात से ही फास्टैग को पूरे देश में अनिवार्य कर दिया गया था। तो आइये जानते है FASTag क्या है? और ये कैसे काम करता है। FASTag से जुड़ी सभी जानकारी को लेने के लिए हमारे आर्टिकल को अंत तक पढ़े।

केंद्र सरकार द्वारा टोल प्लाजा पर टोल कलेक्शन को आसान और सुरक्षित बनाए के लिए और टोल प्लाजा पर अकसर लगने वाले जाम से निजात पाने के लिए फास्टैग को अनिवार्य किया गया है।

FASTag – फास्टैग क्या है और ये कैसे काम करता है | Recharge Online
FASTag – फास्टैग क्या है Recharge Online कैसे करें

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FASTag – फास्टैग क्या है

NHAI नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया द्वारा बनाया गया फास्टैग एक इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम हैं। फास्टैग दरअसल एक ऐसा स्टिकर है जो आपकी गाड़ी की आगे की विंडो स्क्रीन पर लगाया जाता है।

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यह रेडिओ फ्रिक्वेन्सी आइडेंटिफिकेशन (RFID) तकनीक पर काम करता है एक प्रकार का ऐसा टैग है जो की सभी गाड़ी के विंड स्क्रीन पर लगाया जाता है। यह फास्टैग आपके बैंक अकाउंट या आपके वॉलेट से जुड़ा हुआ होता है।

इसका यह फायदा है की जब भी आप टोल प्लाजा से गुजरते हैं तो आपको रुक कर टोल टैक्स नहीं चुकाना होता आपके गाड़ी पर लगा हुआ फास्टैग से स्कैनर द्वारा टोल भुगतान आसानी से हो जाता है। और यह टैक्स सीधा सरकारी खाते में जमा हो जाता है।

यह भी देखें: क्या आप जानते हो फास्टैग रिचार्ज कैसे करते है।

फास्टैग का उद्देश्य

भारत सरकार के सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा सड़कों में हो रहे लम्बे जाम से निजात पाने और टोल को इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से कलेक्ट करने के लिए फास्टैग की शुरुआत की गयी है।

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इस फास्टैग टेक्नोलॉजी को नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) प्रोग्राम द्वारा शुरू किया गया। देश का टोल इलेक्ट्रॉनिक रूप से कलेक्ट करना इसका प्रमुख उद्देश्य है।

यह योजना (IHML) इंडियन हाईवे मेनेजमेंट लिमिटेड द्वारा लागू की गयी है। इसके पीछे पेमेंट सिस्टम नेशनल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (NETC) है और इसे NPCI चला रहा है।

FASTag के लाभ

  • इस फास्टैग सिस्टम से कैशलेस ट्रांजेक्शन में तेजी आएगी।
  • आपको टोल प्लाजा में ज्यादा समय इंतज़ार नहीं करना पड़ेगा।
  • गाड़ी मालिक अपनी गाड़ी की ट्रैकिंग कर सकता है।
  • आपके कीमती समय की बचत हो सकेगी।
  • गाड़ी के पेट्रोल डीजल की भी बचत होगी।
  • और लम्बे ट्रैफिक जाम लगने से भी बचा जा सकेगा।
  • फास्टैग से अवैध वसूली की समस्या से भी निजात मिल सकेगी
  • फास्टैग वॉलेट में बचे हुए रकम को आप 5 वर्षों तक प्रयोग में ला सकेंगे।
  • सड़क दुर्घटना में कमी आएगी।
  • पारदर्शिता आएगी।
  • आपको एसएमएस अलर्ट फैसिलिटी मिलती है।
  • टोल ऑपरेटर्स को इससे आसानी होगी।
  • टोल प्लाजा में ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी।
  • टैक्स की चोरी अब आसान नहीं होगी।
  • फास्टैग में आपको कैशबैक की सुविधा मिलती है
  • फास्टैग में शेष राशि से आपको कैशबैक मिलता है जो लगभग सात दिनों में फास्टैग बैंक में आ जाता है।
  • नेशनल हाईवे के आसपास लगभग 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांव के वाहन चालकों को 1 महीने का 275 रुपए का टोल टैक्स देना होगा। इसके लिए उन्हें अपने आधार कार्ड की सहायता से वह यह लाभ मिल सकेगा।  

फास्टैग कैसे काम करता है

जब भी कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है तो टोल प्लाजा में लगे बूम बैरियर के नजदीक पहुंचने पर वाहन में लगे हुए फास्टैग के बार कोड को बूम बैरियर में लगे हुए कैमरे RFID रीडर फास्टैग को स्कैन कर लेते हैं।

उस फास्टैग में उपलब्ध सारा डाटा स्कैन कर लिया जाता है और आपके फास्टैग वॉलेट से पैसे कट जाते हैं और इसके बाद ही बूम बैरियर खुल जाता है, आप अपनी गाडी आगे बढ़ा सकते हो इस सब प्रक्रिया में कुछ ही सेकंड का समय लगता है।

अलग-अलग वाहनों में लगने वाले फास्टैग

  • छोटे व्यापारिक वाहनों के लिए नारंगी रंग (Orange Color) का फास्टैग होता है।
  • यदि आपकी निजी कार (प्राइवेट कार) है तो इसके लिए बैंगनी रंग (पर्पल कलर) का फास्टैग होता है।
  • मशीनरी वाहनों के लिए काले रंग का फास्टैग प्रयोग होता है।
  • 2 Axle और 3 Axle वाहनों के लिए क्रमशः हरे रंग और पीले रंग के का फास्टैग का प्रयोग होता है।
  • 4,5 और 6 Axle वाहनों के लिए गुलाबी रंग के फास्टैग का प्रयोग तथा 7Axle वाहनों के लिए आसमानी रंग का फास्टैग प्रयोग होता है।

फास्टैग कहाँ से मिलता है

  • आप फास्टैग को टोल प्लाजा के साथ में ही बने हुए फास्टैग बूथ से प्राप्त कर सकते हो।
  • आप फास्टैग को ऑनलाइन वेबसाइट से भी खरीद सकते हो जैसे -अमेज़न, फ्लिपकार्ट, स्नैपडील, पेटीएम आदि
  • बैंक और कहीं जगह आपको यह फास्टैग पेट्रोल पंप में भी उपलब्ध हो जाएगा।
  • इस तरह की RFID फास्टैग आईडी देने वाले भारत में 22 बैंक हैं।

फास्टैग रिचार्ज कैसे करें

  • वाहन चालक को यह सुनिश्चित करना होगा की क्या उसके वाहन में लगे हुए फास्टैग रिचार्ज है या नहीं। फास्टैग का फर्स्ट टाइम चार्ज 150 रुपए होता है।
  • फास्टैग को आप क्रेडिट कार्ड कार्ड, डेबिट कार्ड, UPI, नेट बैंकिंग से रिचार्ज कर सकते हैं।
  • फास्टैग रिचार्ज करते समय यह यह जरूर जाँच लें की आपके फास्टैग आपके बैंक अकाउंट से लिंक हो।
  • आप अपने फास्टैग को रिचार्ज फास्टैग एप्लीकेशन जैसे- Park+,MY FASTag ,FaSTAG आदि से भी बड़ी आसानी से कर सकते हैं। fastag.ihmcl.com में जाकर आप अपना फास्टैग रिचार्ज कर सकते है। आपको प्ले स्टोर पर यह एप्लीकेशन बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।

RFID फास्टैग किस तरह से लगाया जाता है

  1. इस टैग को अलग-अलग वाहनों के लिए अलग-अलग रंग दिया जाता है।
  2. फास्टैग को वाहन के विंड स्क्रीन के बीच में लगाएं।
  3. इस स्टिकर के पीछे वाले भाग में आपका RFID होती है जिसे की आपको अपनी गाडी की विंड स्क्रीन पर गाड़ी के अंदर से लगाना होता है। वाहन की विंड शीट में अंदर से लगाएं।
  4. इस फास्टैग को वाहन में अंदर की तरफ से उल्टा लगाना होता है।
  5. आपको यह स्टिकर गाड़ी की साफ़ स्क्रीन पर लगाए।
  6. यदि ये स्टिकर वाहन में लगा रहें है तो सावधानी से लगाएं यह फास्टैग हर एक वाहन के लिए अलग-अलग होता है।
  7. एक ही फास्टैग का प्रयोग अलग वाहनों में नहीं किया जा सकता।
  8. यदि आपका फास्टैग अच्छी स्थिति में नहीं है या ये लगाते समय फट जाता है तो यह किसी काम का तो दूसरा फास्टैग खरीद लें।
  9. फास्टैग को वाहन में चिपकने से पहले उचित सावधानी बरतें।
RFID फास्टैग किस तरह से लगाया जाता है

फास्टैग में लगे हुए (RFID) रेडिओ फ्रिक्वेन्सी आइडेंटिफिकेशन जो की आपकी अकाउंट से लिंक है तो जब भी आप टोल प्लाजा से गुजरेंगे तो आपका टोल टैक्स कट जाएगा।

फास्टैग से ही अब आपका टोल कटा जाएगा यदि अपने फास्टैग नहीं लगाया है तो आपको भारी- भरकम जाम का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि फास्टैग को आवश्यक कर दिया गया है।

टोल प्लाजा में बिना RFID के यदि आप फास्टैग लेन में घुसते हैं तो आपको दुगुना टोल देना होगा। आपको 100 की जगह 200 रुपए देने होंगे।

फास्टैग एप्लीकेशन

फास्टैग बैंक अकाउंट को रिचार्ज करने के लिए न्यूनतम राशि कम से कम 100 रुपए से लेकर अधिकतम एक लाख रुपए तक का होता है। इसके अलावा आप चाहें तो ऐसे टोल प्लाजा या बैंक से ऑनलाइन एप्लीकेशन से भी फास्टैग को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

यदि आपको फास्टैग लेना है तो आप इसकी जानकारी National Highways Authority of India की आधिकारिक वेबसाइट से आसानी से ले सकते हैं। आप अपना फास्टैग अकाउंट फास्टैग की एप्लीकेशन से भी खुलवा सकते हैं जिसमे आपको लॉगिन करना होता है और पूछी गयी जानकारी को भरना होता है।

फास्टैग एप्लीकेशन MY FASTag जो की इंडियन हाईवे मैनेजमेंट कम्पनी लिमिटेड द्वारा डिज़ाइन की गयी है इसे इनस्टॉल कर सकते हैं। इसकी सहायता से आप आसानी से फास्टैग को खरीद सकते हो। और अपने फास्टैग को रिचार्ज upi पेमेंट द्वारा आसानी से कर सकते हो।

फास्टैग की कुछ अन्य जानकारी

  1. देश में फास्ट टैग को वर्ष 2014 से लागू किया गया था।
  2. प्रारम्भ में यह भारत के मुंबई और अहमदाबाद के बीच पड़ने वाले हाईवे टोल टैक्स प्लाजा पर लागू किया गया था।
  3. अब तक लगभग सभी नेशनल हाईवे टोल प्लाजा में फास्टैग से ही टोल कलेक्ट किया जाने लगा है जो की अनिवार्य हो गया है।
  4. सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा यह साफ तौर पर कहा गया है की साल 2019 के बाद ख़रीदे गए नए चौपहिया वाहनों के वाहन चालकों को अनिवार्य रूप से फास्टैग लगाना आवश्यक हो जाएगा।

FASTag से जुड़े कुछ सवाल/जबाव

सवाल: फास्टैग क्या है?
जबाव: फास्टटैग NHAI द्वारा बनाया गया इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम हैं।

सवाल: फास्टैग का उद्देश्य क्या है?
जबाव: टोल इलेक्ट्रॉनिक रूप से कलेक्ट करना और टोल टैक्स में पारदर्शिता लाना इसका प्रमुख उद्देश्य है।

सवाल: फास्टैग कैसे काम करता है ?
जबाव: जब भी कोई वाहन टोल प्लाजा से गुजरता है तो टोल प्लाजा में लगे कैमरे RFID रीडर फास्टैग को स्कैन कर लेते हैं और आपका टोल टैक्स कट जाता है।

सवाल: वाहन में फास्टैग लगवाने से क्या लाभ होते हैं ?
जबाव: फास्टैग लगाने से आपको कैश की झंझट से मुक्ति मिल जाएगी और फास्टैग लगाने के बाद टोल प्लाजा में जाम भी नहीं लगता, क्योंकि इसे लगाने के बाद टोल टैक्स ऑनलाइन कटता है जिसमें कुछ ही सेकेण्ड का वक्त लगता है।

सवाल: फास्टैग को भारत में कबसे शुरू किया गया था?
जबाव: फास्टैग को देश में वर्ष 2014 से लागू किया गया था।

सवाल: क्या हर चौपहिया वाहन का फास्टैग अलग-अलग होता है ?
जबाव: हाँ, हर वाहन के अलग-अलग रंग के फास्टैग होते हैं।

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