Driving Licence New Rule 2022: इस साल ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों में हुए बड़े बदलाव, जानें ये नए नियम

Driving Licence New Rule : यदि आप भी दो पहिया या चार पहिया वाहन चलाते हैं तो ये आप के लिए एक अच्छी खबर हो सकती है। अगर आप का अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस नहीं बना है तो आप को अब अधिक परेशान होने की आवश्यकता। हाल ही में कुछ समय पहले Driving Licence New Rule में आये बदलाव के चलते अब आप के लिए अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया बहुत ही आसान हो जाएगी। अब आप को अपना डीएल बनाने के लिए आरटीओ में लम्बी लाइन में खड़े नहीं होना पड़ेगा साथ ही आप को अब ड्राइविंग टेस्ट देने के लिए भी आरटीओ के चक्कर भी नहीं लगाने पड़ेंगे।

Driving Licence New Rule 2022

Driving Licence New Rule 2022
Driving Licence New Rule 2022

केंद्रीय सड़क परिवहन और हाईवे मंत्रालय ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के नियमों में कुछ बदलाव किये हैं। आप की जानकारी के लिए बता दें ड्राइविंग लाइसेंस को लेकर सरकार द्वारा किये गए बदलाव के अनुसार अब आप को बिना आरटीओ के चक्कर लगाए ही ड्राइविंग लाइसेंस मिल जाएगा। साथ ही आप को अलग से आरटीओ जाकर अब कोई ड्राइविंग टेस्ट देने की आवश्यकता भी नहीं है। बताते चलें की ये नियम लागू हो चुके हैं। इस नियम में बदलाव के बाद अब उन सभी हजारों लोगों को फायदा होगा जिन्होंने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ की सूची में वेटिंग में हैं।

अब ऐसे बनेगा आप का ड्राइविंग लाइसेंस

अगर आप भी अभी तक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आरटीओ ऑफिस में अपनी नंबर का इन्तजार कर रहे हैं तो आप को बता दें की आप को और इंतज़ार करने की आवश्यकता नहीं है। अब आप सिर्फ अपने नज़दीकी ड्राइविंग स्कूल में जाकर ड्राइविंग की ट्रेनिंग ले लें। और आप वहीँ से अपना ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं। जी हाँ अब आप मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में ही अपनी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ही स्कूल में टेस्ट दे सकते हैं। इस के बाद आप को ट्रेनिंग स्कूल से एक सर्टिफिकेट दिया जाएगा जिस के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस भी बन जाएगा।

ये हैं नए नियम

  • अधिकृत एजेंसी द्वारा ये सुनिश्चित किया जाएगा की दोपहिया , तिपहिया और हलके मोटर वाहन चालने की ट्रेनिंग देने वाले ट्रेनिंग सेंटर्स के पास कम से कम एक एकड़ जमीन होनी चाहिए। वहीँ जो सेंटर्स मध्यम और भारी यात्री माल वाहनों या ट्रेलरों के लिए ट्रेनिंग देंगे उनके पास दो एकड़ जमीन होना आवश्यक है।
  • सेंटर के ट्रेनर के पास कम से कम 5 वर्षों का ड्राइविंग का अनुभव होना आवश्यक है और यातायात के सभी नियमों का पता होना चाहिए , साथ ही वो 12 वीं पास भी होना चाइये।
  • मंत्रालय द्वारा एक शिक्षण पाठ्यक्रम भी निर्धारित किया गया है। जिसके अनुसार हलके मोटर वाहन चलाने के लिए अधिकतम 4 हफ्ते का पाठ्यक्रम होगा जो 29 घंटों चलेगा। इन ड्राइविंग सेंटर्स के पाठ्यक्रम 2 हिस्सों में बांटे जाएंगे – प्रैक्टिकल और थ्योरी।
  • लोगों को 21 घंटों की ट्रेनिंग बुनियादी सड़कों, ग्रामीण सड़कों, राजमार्गों, शहर की सड़कों, रिवर्सिंग और पार्किंग, चढ़ाई और डाउनहिल ड्राइविंग वगैरह पर गाड़ी चलाने के लिए दी जाएगी। इनमे से पूरे कोर्स के 8 घंटे थ्योरी के लिए होंगे। जिसमें व्यक्ति को रोड संबंधी शिष्टाचार को समझना , रोड रेज , ट्रैफिक शिक्षा। दुर्घटनाओं की वजहों को समझना , प्राथमिक चिकित्सा और ड्राइविंग ईंधन दक्षता को समझना आदि सम्मिलित होगा।

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