Chhath Puja: आज से छठ पूजा शुरू, देखें पूजन सामग्री लिस्ट और विधि

Chhath Puja : दीपावली के 6 दिन बाद छठ पूजा का महापर्व मनाया जाता है। इस पूजा की शुरुआत कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि से हो जाती है। और षष्ठी तिथि को छठ होता है। इसे बिहार, झारखण्ड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में बहुत ही धूम धाम के साथ मनाया जाता है। तीन से चार दिनों तक चलने वाले इस पर्व के दौरान महिलाएं 36 घंटो तक का उपवास रखती हैं। इस उपवास के दौरान छठी मैया और सूर्य देव की पूजा की जाती है। इस बार ये महापर्व 8 नवंबर 2021 को नहाय खाय से शुरू हो रहा है। ये व्रत 11 नवंबर को पूर्ण होगा। यदि आप भी इस बार इस व्रत को करने जा रही हैं तो ये लेख आप के लिए उपयोगी होगा। इस लेख के माध्यम से आप को छठ की पूजन विधि और सामग्री के बारे में जानकारी देंगे।

ये हैं छठ पूजा की पूजन सामग्री

यहाँ हम आप को छठ पूजा की पूजन सामग्री की एक सूची उपलब्ध करा रहे हैं। आप आसानी से इसे छठ पूजन हेतु तैयार कर सकती हैं।

  • बांस की 2 या तीन बड़ी टोकरियां जिसमें आप प्रसाद रखेंगी।
  • 3 तीन सूप बांस के बने या फिर पीतल के बने सूप का भी इस्तेमाल कर सकती हैं।
  • 1 लोटा और थाली
  • नए कपड़े ( साड़ी , कुरता पजामा )
  • सिन्दूर , धुप , बड़ा दीपक , शहद
  • 1 गिलास (दूध और जल के लिए आवश्यकता होगी )
  • पानी वाला नारियल
  • पत्ते लगे हुए पांच गन्ने
  • हल्दी और अदरक वाला पौधा (हरा हो तो बेहतर )
  • पान व साबुत सुपारी
  • गेंहू , चावल का आटा
  • ठेकुआ और चावल
  • सुथनी और शकरकंदी
  • बड़ा वाला मीठा नीम्बू
  • मिठाई और गुड़
  • पूजा व प्रसाद हेतु कुछ फल जैसे की – नाशपाती , शरीफ़ा , केला आदि।

अब जानिये पूजन विधि के बारे में

छठ पूजन करने वाली महिलाएं कुछ कड़े नियमों का पालन करते हुए 36 घंटो के लिए उपवास रखती हैं। इसके लिए पूजा स्थान की साफ़ सफाई हेतु उसे गोबर से लीपा जाता है। बलराम की पूजा हेतु घास और भूसे का उपयोग कर हल की आकृति बनाई जाती है। इस पर्व के दौरान दिनों के अनुसार अलग अलग तरह से पूजा की जाती है। आइये जानते हैं विस्तार से –

8 नवंबर 2021 – नहाय खाय

कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को इस पर्व की शुरआत होती है। इस दिन घर की साफ़ सफाई कर पवित्र किया जाता है और आज ही सूर्य देव को साक्षी मानकर व्रत का संकल्प लेते हैं। व्रती महिलाएं इस दिन चने की सब्जी , चावल और साग का सेवन करते हैं।

9 नवम्बर 2021 – खरना

छठ के दूसरे दिन पूरे दिन व्रत रखा जाता है। महिलाएं शाम को पूजा ( सूर्य देव को अर्घ्य देने के बाद ) के बाद गुड़ से बनी खीर खाकर अगले 36 घंटों तक के लिए निर्जला व्रत की शुरुआत करती हैं। ये खीर मिटटी के चूल्हे पर बनाने की परंपरा है।

10 नवम्बर 2021 – डूबते सूर्य को अर्घ्य

अगले दिन महिलाएं शाम के समय डूबते हुए सूर्य को नदी या फिर किसी तालाब में खड़े होकर अर्घ्य देती हैं। इस बार बुधवार को सूर्यास्त का समय 5 बजकर 30 मिनट बताया गया है।

11 नवम्बर 2021 – उगते सूर्य को अर्घ्य

इस दिन व्रत का समापन किया जाता है। ये व्रत का अंतिम दिन होता है। इस दिन सभी महिलाएं सुबह सुबह नदी या तालाब में खड़े होकर उगते हुए सूर्य को अर्घ्य देती हैं और सूर्य देव से प्रार्थना करने के बाद व्रत का समापन करती है।

उत्तर प्रदेश फ्री लैपटॉप योजना का ऑनलाइन आवेदन शुरू, जल्दी करें अप्लाई

ऐसी ही और भी सरकारी योजनाओं की जानकारी पाने के लिए हमारी वेबसाइट pmmodiyojanaye.in को बुकमार्क जरूर करें ।

Leave a Comment