सीबीएसई बोर्ड की परेशानी बढ़ी, 10th और 12th की दूसरे चरण की परीक्षा कराने पर कोरोना का संकट

CBSE Term 2 Exam News: ओमीक्रोन के बढ़ते मामलो में बीच इस वर्ष भी सीबीएसई (CBSE) द्वारा आयोजित की जाने वाली 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर संकट के बादल मंडराने लगे है. आपको बता दें की सीबीएसई (CBSE) द्वारा मार्च-अप्रैल महीने में बोर्ड के दूसरे चरण की परीक्षा आयोजित करने का कार्यक्रम जारी किया जा चुका है ऐसे में अगर इसी तरह से कोरोना के मामले बढ़ते रहे तो बोर्ड परीक्षा को लेकर संशय की स्थिति बन सकती है. हालांकि अभी तक इन्हे रद्द करने और परीक्षाओं की डेट आगे बढ़ाने को लेकर सीबीएसई (CBSE) द्वारा कोई भी आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है लेकिन हालत को देखते हुये बोर्ड द्वारा जल्द ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है.

2 चरणों में होनी है बोर्ड परीक्षायें

सत्र 2021-22 के लिए कोरोना संक्रमण के मद्देनजर सीबीएसई (CBSE) द्वारा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षायें 2 चरणों में आयोजित करने का प्लान बनाया गया है. इसके पहले चरण के तहत नवंबर-दिसंबर माह में बहुविकल्पीय परीक्षा आयोजित की जा चुकी है. बोर्ड द्वारा मार्च-अप्रैल माह में इसके दूसरे चरण की परीक्षा आयोजित करवाई जानी है लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अभी इसके बारे में कुछ भी कहना मुश्किल है.

हालांकि सरकार द्वारा 3 जनवरी से 15 से 18 साल के किशोरों के लिए टीकाकरण की शुरुआत की जा चुकी है परन्तु कोरोना के दैनिक मामलो में बढ़ोतरी के चलते कई राज्यों में स्कूलों को बंद करने का फैसला किया जा चुका है. वही देश के सभी प्रमुख शहरो में नाईट-कर्फ्यू भी लागू कर दिया गया है. अभी तक सीबीएसई (CBSE) द्वारा भी इन परीक्षाओं को कराये जाने के सम्बन्ध में अभी तक कोई भी नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है.

जारी रखें अपनी तैयारी

वही सीबीएसई (CBSE) के जिला समन्वयक अजीत दीक्षित ने कहा है की अभी तक परीक्षाओं को लेकर कुछ भी कहना जल्दबाजी है. साथ ही उन्होंने परीक्षा के सम्बन्ध में परिस्थितियों का इन्तजार करने को भी कहा है. अगर हालत अनुकूल होते है तो मार्च-अप्रैल माह में ही बोर्ड की परीक्षाएँ आयोजित करवाई जा सकती है. वही जो भी छात्र इस वर्ष बोर्ड परीक्षा देने वाले है उन्हें निरंतर अपनी तैयारी जारी रखनी चाहिए ताकि परीक्षा होने पर वे अच्छा प्रदर्शन कर सकें.

इस वर्ष भी कोरोना के कारण बोर्ड द्वारा परीक्षा का सिलेबस कम किया गया है साथ ही छात्रों के लिए ऑनलाइन क्लासेस भी चलायी गयी है. हालांकि विशेषज्ञ मानते है की छात्र ऑनलाइन क्लास को उतना सीरियसली नहीं लेते जिससे की उनकी क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

बढ़ रहे है कोरोना के मामले

आपको बता दे की देश में कोरोना के मामलो में निरंतर बढ़ोतरी देखी जा रही है. साथ ही ओमीक्रोन के बढ़ते मामलों में भी वृद्धि हो रही है जिससे देश के सभी प्रमुख शहरो में नाईट-कर्फ्यू लागू कर दिया गया है. साथ ही कोरोना प्रतिबंधों को भी सख्त कर दिया गया है. ऐसे में अगर मार्च-अप्रैल तक कोरोना के बढ़ते मामलो में कमी नहीं होती तो सीबीएसई द्वारा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं पर पुनर्विचार किया जा सकता है. हालाँकि अभी तक इस सम्बन्ध में कोई भी आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है.

Leave a Comment