CBSE Assessment Scheme: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को दी बड़ी राहत, मूल्यांकन योजना पर लगी मोहर

CBSE Assessment Scheme: सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई को 6 दिसंबर 2021 को बड़ी राहत दी गयी है। कोर्ट ने कहा की जिन स्टूडेंट्स की covid-19 के कारण 12वीं परीक्षा रद्द की गयी थी। उनके अंकों के आँकलन को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा मूल्यांकन योजना पर मुहर लगाया गया है। मूल्यांकन योजना को उचित विलंब करते हुए यह योजना फाइनल रूप प्राप्त कर चुकी है। CBSE Assessment Scheme में उच्च न्यायालय की मुहर लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा यह कहा गया है की वह सीबीएसई मूल्यांकन योजना को दोबारा नहीं खोलेगी। इसके साथ ही इस मामले में याचिका दायर करने वालो को भी चुनौती देने की अनुमति प्रदान नहीं की जाएगी।

CBSE Assessment Scheme

सीबीएसई मूल्यांकन योजना में Justice AM Khanwilkar और Justice CT Ravikumar की न्यायपीठ ने इस मामले में दायर याचिका पर सुनवाई की है। न्यायपीठ ने स्पष्ट रूप से यह कहा है की जहां तक सीबीएसई मूल्यांकन योजना का सवाल है वह अब अपने अंतिम स्तर में पहुंच चुका है। इस मामले को लेकर अब कोई सुनवाई नहीं होगी। इसी के साथ न्यायपीठ ने दूसरे शब्दों में कहा है की Marks Evaluation के लिए सीबीएसई मूल्यांकन योजना एवं Marks Ratio पर याचिकाकर्ताओं के तहत की गयी आपत्ति को स्वीकार नहीं किया जायेगा। पहले दिए गए आर्डर में CBSE Assessment Scheme को स्वीकृति प्राप्त हुई है।

सुप्रीम कोर्ट के द्वारा 17 जून 2021 को CBSE और CISCE के तहत 12th बोर्ड हेतु 30:30:40 formula अप्रूव किया था। इस प्रक्रिया के अनुसार 12वीं बोर्ड के विद्यार्थियों का मूल्यांकन उनके 10 वीं क्लास में प्राप्त अंको के अनुसार 30 प्रतिशत मार्क्स और 11वीं के आधार पर 30 प्रतिशत ,एवं बारहवीं बोर्ड के अनुसार 40 प्रतिशत करने का प्रोविज़न तैयार किया गया था।

सीबीएसई मूल्यांकन योजना मामला

कोरोना महामारी के चलते केंद्रीय माध्यमिक बोर्ड सीबीएसई के द्वारा बोर्ड परीक्षाएं आयोजित नहीं की गयी है। बोर्ड परीक्षायें आयोजित न होने के कारण सभी स्टूडेंट्स के लिए सीबीएसई के द्वारा रिजल्ट तैयार करने के लिए एक नया फॉर्मूला तैयार किया गया। तैयार किये गए इस फॉर्मूले को सुप्रीम कोर्ट में पेश करने पर उच्च न्यायालय के द्वारा मंजूरी दी गयी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में मंजूरी देने के बाद ही इस फॉर्मूले में सीबीएसई द्वारा विद्यार्थियों का रिजल्ट जारी किया गया। लेकिन जारी किये गए इस परिणाम पर कुछ स्टूडेंट्स और पैरेंट्स के द्वारा इस फॉर्मूले पर आपत्ति दर्ज की गयी। जिसे कोर्ट के माध्यम से डिसमिस कर दिया गया है।

इस मामले को लेकर अब किसी भी स्टूडेंट्स या अन्य लोगो द्वारा कोई आपत्ति दर्ज नहीं की जा सकती है। कोर्ट ने अपने स्पष्ट शब्दों में इस स्कीम को लेकर अपनी अंतिम मुहर लगा दी गयी है। सीबीएसई द्वारा जारी किये गए फॉर्मूले के अनुसार ही विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। इसके लिए अब आपत्ति दर्ज नहीं की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के द्वारा पहले ही इस फॉर्मूले को मंजूरी प्रदान की गयी थी ,लेकिन आपत्ति दर्ज होने के कारण इसकी सुनवाई 6 दिसंबर को की गयी है। इस सुनवाई में इस स्कीम को अंतिम रूप दे दिया गया है।

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