रिक्शा चालक सावधान! अब चुकाने होंगे 3 करोड़ रुपये, इनकम टैक्स विभाग ने भेजा नोटिस, जानें पूरा मामला

रिक्शा चालक सावधान! एक ऐसी खबर जिसे सुनकर आप सभी हैरान होकर दंग रह जायेंगे। यह खबर मथुरा के बाकलपुर क्षेत्र की है। बता दें इनकम टैक्स द्वारा एक रिक्शा चलाने वाले को 3 करोड़ रुपये का नोटिस भेजा गया है। यह जानकारी सुनकर आप भी थोड़ा चौंकने जरूर हुए होंगे। लेकिन ये घटना हकीकत में हुई है और यह मामला यूपी का है। उत्तर प्रदेश राज्य का एक रिक्शा चलने वाला आम इंसान यह देखकर हैरान रह गया जब आय कर विभाग ने उसे नोटिस थमा कर 3 करोड़ रुपये चुकाने की बात कही। जैसे ही रिक्शा चालक को नोटिस मिला वह हड़बड़ाहट में पुलिस के पास पहुँच गया।

रिक्शा चालक को चुकाने होंगे 3 करोड़ रुपये

यूपी के मथुरा जिले के बाकलपुर क्षेत्र के अमर कॉलोनी में रह रहे प्रताप सिंह ने आय कर विभाग द्वारा नोटिस मिलने पर हाईवे पुलिस थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई है। बता दें प्रताप सिंह पेशे से एक रिक्शा चालक है और वह रिक्शा चला के ही अपना घर परिवार का भरना पोषण करते है। रिक्शा चालक बताई गयी जानकारी अभी पुलिस द्वारा दर्ज नहीं की गयी है। पहले इस मामले की अच्छे से जांच की जाएगी तभी इसकी कार्यवाई की जाएगी।

जानिए पैन कार्ड से कैसे हुआ फ्रॉड

रिक्शा चालक प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक विडिओ को अपलोड करके इस घटना का जिक्र किया। प्रताप के अनुसार उन्होंने 15 मार्च को बालकपुर क्षेत्र के कॉमन सर्विस सेंटर में पैनकार्ड हेतु आवेदन किया था क्यूंकि बैंक ने उससे पैन कार्ड जमा करने को बोला था। जन सुविधा केंद्र की ओर से रिक्शा चालक को कहा गया था कि उनका पैनकार्ड 1 महीने के अंदर बन कर आजायेगा। लेकिन 1 महीने तक जब उसका पैनकार्ड नहीं आया तो तब पता चला की उसका पैन कार्ड किसी संजय नाम के व्यक्ति को दे दिया गया था।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने भेजा नोटिस

पैन कार्ड ना आने पर प्रताप (रिक्शा चालक) कई बार पैन कार्ड लेने जन सुविधा केंद्र गया जहाँ उसे पैन कार्ड का कलर प्रिंट दे दिया गया और रिक्शा चालक पढ़ा लिखा न होने के कारण उसे यह पता नहीं चल पाया की पैनकार्ड ओरिजिनल है या फोटोकॉपी। प्रताप को जब आय कर विभाग से कॉल आयी तो वह इस खबर को सुनकर चौंक गया।

1 साल का टर्नओवर 43.44 करोड़ रुपये चुकाने को कहा

आईटी विभाग द्वारा रिक्शा चालक को 3,47,54,896 रुपये चुकाने को बोला गया। आईटी विभाग के अधिकारियो द्वारा प्रताप को यह बताया गया की उसका पैन कार्ड जप्त कर लिया गया है। किसी ने बिज़नेस करने के लिए उसके नाम से GST नंबर भी लिया है। इस पैन कार्ड पर लगभग 43.44 करोड़ रुपये का कारोबार एक ही साल 2018-2019 में किया गया है । अधिकारीयों ने प्रताप को यह सलाह दी की वह इसकी जानकारी पुलिस को देकर FIR दर्ज करें और दोषियों को जेल की सजा दिलवाएं। अभी इस मामले की जांच जारी है जल्द ही पुलिस द्वारा असली दोषी पकडे जायेंगे।

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