पीलिया का 5 आयुर्वेदिक इलाज

पीलिया का 5 आयुर्वेदिक इलाज-आज हम आपको अपने इस लेख के माध्यम से पीलिया रोग के 5 घरेलू आयुर्वेदिक इलाज के बारे में जानकारी को साझा करने जा रहे है। जैसे की आप सभी लोगो को पता है की पीलिया एक ऐसी बीमारी है जो लिवर खराब होने के कारण होती है। सही तरीके से लिवर के काम ना करने से खून में बिलीरुबिन की मात्रा अधिक बढ़ जाती है। पीलिया रोग से शरीर में श्लेष्मा झिल्ली और आँखों के सफ़ेद रंग का हिस्सा पीले रंग का हो जाता है। आपको बता दें की पीलिया रोग को दूर करने के लिए कई सारे ऐसे आयुर्वेदिक उपचार है जिसे जड़ी बूटियों के इस्तेमाल से ही ठीक किया जा सकता है। आइये जानते है ऐसे ही 5 Ayurvedic Treatments for Jaundice से जुड़ी जानकारी को विस्तार रूप से हमारे इस लेख में की कैसे जड़ी बूटियों के निरंतर प्रयोग से इसे ठीक किया जा सकता है।

पीलिया रोग होने के कारण

जॉन्डिस होने का मुख्य कारण यह की गर्मी के समय में इम्युनिटी कमजोर होने और रोगाणुओं के इन्फेक्शन हर साल लाखो लोग पीलिया की चपेट में आ जाते है। वायरस के बढ़ते हमलों एवं खानपान की लापरवाही के चलते पीलिया गंभीर रूप लेता है। कई बार इसे ठीक होने में कई महीनों का समय लग जाता है। लेकिन यदि आप इसका इलाज सही ढंग से करते है तो इस बीमारी को कम समय से भी ठीक किया जा सकता है। इसके लिए आपको खानपान पर विशेष ध्यान रखना होगा।

पीलिया रोग होने का मुख्य कारण यह है की हमारी बॉडी में रेड ब्लड सेल्स एक तय समय यानी की 120 दिन बाद टूट जाते है जिससे बिलीरुबिन नाम का एक बाई -प्रोडक्ट बनता है। यह पदार्थ हमारे शरीर में लिवर से होते हुए मलमूत्र के द्वारा शरीर से बाहर निकल जाता है। इसी के साथ यदि शरीर के रेड बल्ड सेल्स यदि तय समय सीमा यानी की 120 दिन पहले ही टूट जाते है तो ऐसी स्थिति में लिवर में बिलिरुबिन  की मात्रा अधिक बढ़ जाती है। इस समस्या से इंसान पीलिया रोग से ग्रस्त हो जाता है।

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पीलिया का 5 आयुर्वेदिक इलाज

आरोग्य वर्धिनी वटी – यह एक ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है जिसका इस्तेमाल पीलिया फैटी लिवर सिंड्रोम ,वायरल हैपेटेटिस और एल्कोहोलिक हैपेटाइटिस के इलाज के लिए किया जाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक यदि आप इसका सेवन करते है तो यह किडनी ,लिवर दिमाग के लिए काफी फायदेमंद होता है। एक दिन में आप इसे 250 से 500 ग्राम मिलीग्राम मात्रा में लेना चाहिए।

कुटकी– कुटकी एक ऐसी जड़ी बूटी है जो भारत के विभिन्न हिस्सों में पाई जाती है। इसका इस्तेमाल लोग पीलिया सहित अन्य तरह की लिवर से जुड़ी बिमारियों को दूर करने के लिए करते है। पीलिया रोग को ठीक करने के लिए आप इसके पॉउडर को दिन में दो बार गर्म पानी के साथ ले सकते है।

कुमारी आसव– एक ऐसी फायदेमंद जड़ी बूटी है जिसे इलायची ,दालचीनी ,त्रिफला सहित 20 से अधिक आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों का मिश्रण है। यह कई सारी बिमारियों को दूर करने के लिए काफी फायदेमंद है पीलिया रोग को दूर करने के लिए आप इसका सेवन दिन में दो बार 6 चम्मच लेकर कर सकते है।

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वासका – यह एक सदाबहार झाड़ी है जो हिमालय क्षेत्र में अत्यधिक पाया जाता है। फेफड़ो के रोग में एवं पीलिया रोग को ठीक करने के लिए इस जड़ी बूटी का इस्तेमाल किया जाता है। इसके पत्तो का इस्तेमाल पीलिया रोग को ठीक करने के लिए आप कर सकते है। वासका के पत्तो का दो औंस रस मुलेठी की छाल का पाउडर ,चीनी और आधा चम्मच शहद मिलाकर खाने से लाभ होता है।

डायट– पीलिया रोग ठीक करने के लिए रोगी को खानपान का भी विशेष ध्यान रखना होगा। यदि रोगी पीलिया में गन्ने के जूस ,अंगूर ,एवं फलों के रस का सेवन करते है तो यह रोगी को जल्द ही ठीक करने में मदद करते है।

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